उदयपुर। 19 मई। सनातन पाठशाला, उदयपुर की ओर से चल रहे बाल संस्कार शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को वैदिक पुरोहित भूपेंद्र शर्मा द्वारा यज्ञ प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों को आर्य अर्थात श्रेष्ठ मानव बनने का संकल्प दिलवाया गया। उन्होंने स्वाहा का अर्थ बताते हुए कहा कि हम अपनी बुराइयों को छोड़कर अच्छाइयों को ग्रहण करें। मीडिया प्रभारी जिग्नेश शर्मा ने बताया कि योगाचार्य प्रीतम सिंह चुंडावत ने प्रशिक्षणार्थियों को ऊंचाई बढ़ाने हेतु ताड़ासन, त्रियटक आसन, सूक्ष्म क्रियाएं और सूर्य नमस्कार का मंत्रों के साथ अभ्यास करवाया। संस्कृत भारती, चित्तौड़ प्रांत के बाल संस्कार प्रमुख कुलदीप जोशी ने संस्कृत में परिचय देना सिखाया। आचार्य त्रिभुवन व्यास ने प्रेरक देशभक्ति गीत “चंदन है इस देश की माटी तपोवन भूमि हर धाम है”, का सामूहिक अभ्यास करवा भक्ति की भावना जागृत की। अपना घर आश्रम उदयपुर के अध्यक्ष अध्यक्ष गोपाल कनेरिया ने श्रीमद् भगवद गीता श्लोक पाठन के साथ गीता पढ़ें पढ़ाई और जीवन में लायें का आह्वान किया। शिविर संयोजक नवनीत भट्ट ने सर्व कल्याण मंत्र और विश्व शांति की सामूहिक प्रार्थना करवाई। शिविर में अमृत रंजन पाण्डे, मधु कांत दवे और मधु नागदा द्वारा शिविर व्यवस्था में सहयोग किया। शिविर में 35 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं जिन्हें संस्कारवान, ईश्वर भक्त और राष्ट्रभक्त बनाने के उद्देश्य से पाइन वर्ल्ड स्कूल, सेक्टर 5 में चल रहे इस सप्त दिवसीय शिविर का समय प्रतिदिन सायं 5 बजे से सायं 7 बजे तक है।
“यज्ञ में लिया श्रेष्ठ मानव बनने का संकल्प”
