उदयपुर, 3 मई। जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिला कलक्टर नमित मेहता के निर्देशन में प्रशासन पूर्ण मुस्तैदी से जुटा हुआ है। इसी क्रम में टीम ने ओगणा क्षेत्र में तीन बाल विवाह रूकवाए।
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक के.के.चंद्रवंशी ने बताया कि ओगणा थाना क्षेत्र से चाइल्ड हेल्पलाइन पर सूचना मिली। इसमें बताया कि ओगणा थाना क्षेत्र में एक परिवार अपने नाबालिग बालक और दो बालिका की शादी 06 मई 2025 को करने जा रहे है। सूचना पर त्वरित रूप से टीम गठित कर प्रशासन एवं पुलिस टीम के साथ मौके पर भेजा गया। मौके पर प्रथम दृष्ट्या लगा कि शादी की पूरी तेयारी थी, टेंट लगे हुए थे। विवाह के बारे में पूछने पर आनाकानी करने लगे। दस्तावेज देखने पर बालक की उम्र 14 वर्ष पाई गई। दो बालिका बालिग़ थी और बारात गाँव भूरा से आ रही थी वो दोनों वर नाबालिग थे जिनकी उम्र 18 और 20 वर्ष होना पाया गया। टीम ने परिवार को बच्चों के बालिग होने तक विवाह नहीं कराने के लिए पाबंद किया। कार्यवाही में ओगना थाना प्रभारी राम अवतार, पटवारी नाहर सिंह, तहसीलदार रणछोड लाल और चाइल्ड हेल्पलाइन टीम से शंकर लाल भोई मोजूद रहे।
वार्षिक सत्यापन नहीं करवाने वालों की पेंशन होगी बन्द
उदयपुर, 3 मई। सामाजिक सुरक्षा पेंशनर्स योजनान्तर्गत के तहत प्रत्येक पेंशन प्राप्त कर्ता का वार्षिक सत्यापन आवश्यक है। सत्यापन के अभाव में पेंशन बंद हो सकती है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक गिरीश भटनागर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 01 अप्रेल 2025 से पेंशन राशि में वृद्धि करते हुए प्रतिमाह पेंशन 1250 रूपए कर दी गई है। जिले में 3.25 लाख से अधिक पेंशनर प्रति माह पेंशन प्राप्त कर रहे है। योजनान्तर्गत प्रत्येक पेंशनर को वार्षिक सत्यापन करवाया जाना आवश्यक है, लेकिन जिले में अभी तक मात्र 2.92 लाख पेंशनर्स द्वारा ही सत्यापन करवाया गया है। लगभग 33 हजार पेंशनर्स द्वारा वार्षिक सत्यापन नहीं कराया गया है जिनकी माह मई 2025 (देय माह जुन 2025) से पेंशन भुगतान बन्द किया जा सकता है। अतः सभी पेंशनर्स जिन्होंने वार्षिक सत्यापन नहीं कराया है, अविलम्ब अपने नजदीकी ई-मित्र पर जा कर या फेस रिकगनिशन एप के द्वारा सत्यापन कराना सुनिश्चित करें। किसी प्रकार की परेशानी आने पर पेंशन स्वीकृतकर्ता अधिकारी शहरीक्षेत्र के लिये उपखण्ड अधिकारी एवं ग्रामीण के लिये विकास अधिकारी के कार्यालय में व्यक्तिशः दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर भी सत्यापन सुनिश्चित करा सकते है।
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना लागू
अवधिपार व दण्डनीय ब्याज होगा माफ
उदयपुर, 3 मई।। उदयपुर जिला सहकारी भूमि विकास बैंक से ऋण लेने वाले ऋणियों (किसानों) के लिए सहकारिता विभाग के प्रस्ताव अनुसार मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 लागू की गई है।
सहकारिता मंत्री गौतमकुमार दक ने बताया कि एकमुश्त समझौता योजना के लिए राज्य सरकार द्वारा 200 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। योजनान्तर्गत जिन किसानों द्वारा भूमि विकास बैंक से ऋण ले रखा है एवं किसी कारण से ऋण राशि का चुकारा समय पर नहीं कर पाये उनको अपना जनआधार एवं मोबाईल नम्बर बैंक में प्रस्तुत कर योजनानुसार राशि 30 जून 2025 से पूर्व जमा करवाने पर दण्डनीय ब्याज एवं ब्याज में छूट प्रदान की जाएगी। दण्डनीय ब्याज एवं ब्याज की राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। भूमि विकास बैंक अध्यक्ष ने बताया कि यदि ऋणी की मृत्यु हो चुकी है तो ऋणी का मृत्यु प्रमाण-पत्र एवं नोमिनी का जनआधार तथा मोबाइल नम्बर बैंक में आवश्यक रूप से प्रस्तुत कर उक्त योजना की सम्पूर्ण जानकारी बैंक के प्रधान कार्यालय उदयपुर से प्राप्त की जा सकती है।
