राजस्थान कृषि महाविधालय के पूर्व छात्र परिषद का 25 वें राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

देष में कृषि एवं डेयरी का योगदान अहमःडॉ. सोडाणी
उदयपुर। राजस्थान कृषि महाविधालय पूर्व छात्र परिषद के 25 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन रविवार को आरसीए के नूतन सभागार में किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल के उच्च शिक्षा सलाहकार डा. कैलाश सोडानी थे।
डॉ.सोडाणी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए हमारे देश में डेयरी और कृषि का देश और विश्व में इसका योगदान रहेगा। डॉ. सोडानी ने उच्च शिक्षा में हिंदी भाषा के प्रयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष राजस्थान विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. शिव सिंह सारंगदेवोत ने कहा कि भारत के किसानों ने भारत में व्याप्त भुखमरी को समाप्त करने एवं कृषि वैज्ञानिकों ने कृषि को बढ़ावा देने में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान किया जिसने हमारी कृषि विरासत आज भी संरक्षित है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता सुश्री देविका चक्रवर्ती के इस संदर्भ में देश का भविष्य कृषि के व्यवसायीकरण से ही सम्भव बताते हुए कहा कि इसके लिए पूंजी संसाधन और नवाचार के मेल से सम्भव है।
महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. मनोज महला ने अतिथियों का स्वागत किया। पूर्व छात्र संघ परिषद अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बारहठ ने सभी का आव्हान किया कि गरीब कृषि छात्रों की मदद के लिए सभी आगे आएं। इस अवसर पर सचिव डॉ. जगदीश लाल चौधरी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
संघ के समक्ष मानद सचिव डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती ने बनाया कि इस सम्मेलन में करीब 500 पूर्व छात्रों ने भाग लिया। आरम्भ में महाराणा प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में करीब 50 पूर्व छात्रों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए नकद राशि से पुरुस्कृत किया गया। इस अवसर पर पूर्व कुलगुरु डॉ. उमाशंकर शर्मा, पूर्व कुलगुरु गब्बर सिंह सोलंकी, पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर, सुनील खंडेलवाल, डॉ. एसएस लछावत, विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर्स, पुलिस अधिकारी जितेंद्र आंचलिया आदि उपस्थित थे। धन्यवाद की रस्म संयुक्त सचिव डॉ. दीपांकर चक्रवर्ती ने अदा की।

By Udaipurviews

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