नंदनी माता के आंगन में सजी दिव्य रासलीला, श्रद्धा-परंपरा और भावनाओं का अनुपम संगम
बडोदिया। वागड़ का पावागढ़ उपनाम से प्रसिद्ध नंदनी माता तीर्थ का पावन प्रांगण उस समय साक्षात् वैकुंठ सा प्रतीत हुआ, जब बुनकर समाज द्वारा आयोजित भव्य रासलीला में भगवान की समस्त दसों कलाओं की विधाओं का अत्यंत भावनात्मक और सजीव मंचन किया गया। मां नंदनी की साक्षी में कलाकारों ने जिस तन्मयता, श्रद्धा और आत्मसमर्पण भाव से रासलीला प्रस्तुत की, उसने उपस्थित हर श्रद्धालु के हृदय को छू लिया। रासलीला के यजमान रमणलाल पिता कालूजी बुनकर ने भावुक स्वर में बताया कि वर्षों की साधना और प्रतीक्षा के बाद नंदनी माता तीर्थ पर भगवान के समक्ष रास करने का सौभाग्य…
