कर्ण ढोल यानी शब्द भेद की प्रस्तुति ने किया चकित, जीते दिल
-गोवा के घूमट और जम्मू के जगरना ने रिझाया -ओडिशा के संभलपुरी नृत्य ने जीवंत की जनजाति संस्कृति उदयपुर। जब एक कलाकार आंखों पर पट्टी बांध सैकड़ों दर्शकों की भीड़ में से एक के पास रखे नारियल को परंपरागत वाद्ययंत्रों के धुन पर चलते हुए ढूंढ़ लाया तो दर्शक न सिर्फ चकित रह गए, बल्कि तालियों की गड़गड़ाहट से इस हुनर की जमकर तारीफ भी की। यह आश्चर्यजनक प्रस्तुति महाराष्ट्र की लोक संस्कृति की एक पहचान बनी हुई है, जिसका जादू यहां शिल्पग्राम उत्सव में छा गया है। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, उदयपुर की ओर से आयोजित किए जा रहे…
