आलस को जीत कर पुरूषार्थ करना ही मानव की फितरत होनी चाहिए: आचार्य विजयराज
आचार्य गणेशीलाल जी म.सा. की जन्म जयंती सामूहिक सामायिक आराधना व जाप के साथ मनाई उदयपुर, 24 जुलाई। केशवनगर स्थित अरिहंत वाटिका में आत्मोदय वर्षावास में बुधवार को शान्त-क्रान्ति के जन्मदाता पूज्य आचार्य श्री गणेशीलाल जी म.सा. की 134वीं जन्म जयंती पर सामूहिक सामायिक आराधना व जाप किया गया। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए हुक्मगच्छाधिपति आचार्य श्री विजयराज जी म.सा. ने कहा कि महापुरूषों के गुणगान करने से न केवल जिह्वा पवित्र होती है अपितु जीवन भी पवित्र बनता है। जो महापुरूषों के गुणों का श्रवण कर अपने जीवन को सजाते हैं वे अपना जीवन सुधारने…
