विश्व की सबसे बड़ी पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा का शिलान्यास करेंगे असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़
उदयपुर। भक्ति, शक्ति तथा वीर भूमि मेवाड़ में एक और नया आयाम जुड़ने जा रहा है। जिले के देवारी-कुराबड़ मार्ग पर शिशवी की पहाड़ी पर बालाजी की 151 फीट ऊंची विशाल पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा का निर्माण कराया जाएगा। यह प्रतिमा अद्भुद और आलौकिक होगी, जिसका भूमि पूजन एवं शिलान्यास 24 जून को संतों के साथ असम के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया और मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ करेंगे।
दावा किया जा रहा है कि पंचमुखी बालाजी की यह प्रतिमा विश्व में मौजूद बालाजी की प्रतिमाओं से ऊंची होगी। जिसका निर्माण दो साल में पूरा होगा। प्रेमनगर आश्रम के महंत मनोहर गिरधारी दास के सान्निध्य में प्रतिमा निर्माण को लेकर एक समिति का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष्ज्ञ का दायित्व सुभाष नंदवाना को सौंपा गया है। नंदवाना ने बताया कि जनसहयोग से तैयार इस प्रतिमा का निर्माण का काम स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी को तेयार करने वाली कंपनी को दिया गया है। जबकि प्रतिमा का डिजायन प्रसिद्ध मूर्तिं कलाकार राम सुथार को दिया गया है, जिन्होंने विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा स्टैच्यू आफ विलिव को तैयार किया था, जो नाथद्वारा में स्थापित है।
पंद्रह किलोमीटर से दिखेगी बालाजी की प्रतिमा
इस प्रतिमा के निर्माण में कितना खर्चा आएगा, इस बारे में अभी खुलासा नहीं किया गया है। हालांकि यह बताया है कि जनसहयोग से यह प्रतिमा बनाई जा रही है। शिशवी की ऊंची पहाड़ी पर बनाई जाने वाली यह प्रतिमा पंद्रह किलोमीटर दूर से ही दिखाई देने लगेगी।
चार धाम और 12 ज्योतिर्लिंग की स्थापना की जाएगी
बताया गया कि पंद्रह एकड़ में भूमि पर बालाजी की विशाल प्रतिमा के अलावा चार धाम तथा 12 ज्योतिर्लिंग की प्रतिकृति भी बनाई जाएगी। जहां भक्त एक ही जगह चार धाम तथा ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे।
राम सुथार ही प्रतिमा का निर्माण पंद्रह किलोमीटर दूर से दिाखेगी। पहाड़ नुमा स्थान नीचे सत्संग स्थल, चार धाम भी 22 ज्योर्तिलिंग की स्थापना होगी। दो साल में बनेगी । शनिवार को विशाल प्रतिमा काभव्य शिलान्यास हो रहा है।
विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा है नाथद्वारा में
उदयपुर से लगभग 40 किलोमीटर दूर विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ विलिव‘ मिराज समूह के मालिक मदन पालीवाल ने तैयार कराई है। जिसका उद्घाटन पिछले साल ख्यातनाम रामकथावाचक मोरारी बापू ने किया था। यह प्रतिमा 369 फीट ऊंची है।
151 फीट ऊंची पंचमुखी हनुमान की प्रतिमा बनेगी उदयपुर में
