उदयपुर। शहर से सटे मदार गांव ने अपनी एक वरिष्ठ सेवाभावी और धर्म-प्रिय नागरिक, 105 वर्षीय प्यारी बाई को खो दिया। 8 मार्च को उनका निधन हुआ और 9 मार्च को उनका शरीर पंच तत्व में विलीन किया गया। प्यारी बाई का जीवन हमेशा सेवा, करुणा और प्रेम का प्रतीक रहा। उन्होंने अपने सौम्य स्वभाव और निस्वार्थ भाव से गांव और समाज के अनेक लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी।
जय हनुमान रामचरित मानस प्रचार समिति ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी सचिव पं. सत्यनारायण चौबीसा ने बताया कि, “प्यारी बाई का जीवन दूसरों की सेवा और समाज भलाई के लिए मिसाल था। उनका योगदान हमेशा हमारे लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा। उनके पुण्य कर्म समाज में हमेशा याद किए जाएंगे।
