उदयपुर। जैन धर्म के इतिहास मंे प्रथम बार क्रम अनुसार चल रहे शांति विधान के तहत आज 100 वां विधान सम्पनन हुआ, यह विधान विगत 24 अप्रेल 2022 को प्रत्येक रविवार के लिये प्रारम्भ हुआ था। अलग अलग परिवार द्वारा पूजा की जा रही थी।
गुरु माँ सुप्रकाशमति माताजी ने इस आरधना का उद्देश्य बताते हुए कहा कि वर्तमान मंे चल रही मानव की दौड़ को मिटाना है और युवा पीढ़ी को भक्ति की और मोड़ना है। वर्तमान युग मंे व्यक्ति प्रभु भक्ति की अच्छी बात सभी को बताने से कतराते है, क्यों ऐसा नहीं हो कि अगर आप कोई अच्छा कार्य करके आते है उसे अवश्य सबको बतायं,े जिससे और भी नये लोग उस कार्य से जुड़ सके।
आज की आराधना का पुण्य कमल कुमार जय कुमार दोशी परिवार ने लिया। यह इनका पुण्य था की 100 वीं आराधना इन्हें मिली, जो पूर्णता की प्रतीक है। प्रातः 8 बजे प्रभु शांति नाथ भगवान पर पंच अमृत अभिषेक एवं विश्व मे सर्वत्र शांति हेतु शांति धारा की गई। आराधना मंे विशेष रूप से मुम्बई से ग्लोबल जैन महा सभा अध्यक्ष जमनालाल हपावत एवं प्रसिद्ध ज्वेलर भगवती रजावत,अनिल दोशी, इस आराधना सम्पूर्ण करवाने वाले अरविन्द पाड़लिया, अनिल डोटिया, चार्टेड अकॉउंट जीतेन्द्र रजावत और भी कई गणमान्य उपस्थित थे। अगले रविवार 31दिसंबर 23 वर्ष समापन पर 101वीं आराधना आयोजित की जायेगी जिसका लाभ अमृत लाल बोहरा एवं सुरेश डागरिया परिवार को मिलेगा।ऐसे महान आराधना जो अब 108 से मात्र 8 आराधना दूर ह।ै जिसके बाद इस आराधना को पढ़ने मात्र से मन को शांति मिला करेगी।
ध्यानोदय तीर्थ में 100वा शांति विधान सम्पन्न
