डूंगरपुर, 22 जुलाई (ब्यूरो) फलोज में स्थित स्वामी विवेकानंद नेत्रहीन विशेष आवासीय स्कूल को चलाने वाली संस्था के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं होने से वहां रहकर पढ़ने वाले नेत्रहीन स्टूडेंट्स के सामने भूखे मरने की नौबत आ गई है। वहीं स्टाफ को भी वेतन नहीं मिल रहा है। परेशान नेत्रहीन स्टूडेंट्स और स्टाफ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। वहीं कलेक्टर को ज्ञापन देकर राहत दिलाने की मांग की है।स्वामी विवेकानंद नेत्रहीन विशेष आवासीय स्कूल के शिक्षक नीरज शर्मा ने बताया कि नेत्रहीन विशेष आवासीय स्कूल को चलाने वाले संस्था का पीडब्ल्यूडी रजिस्ट्रेशन एक जुलाई 2023 को खत्म हो गया था। संस्था ने 12 अप्रैल 2023 को ही नवीनीकरण की फाइल चालान शुल्क के साथ जमा भी करवा दी थी, लेकिन संस्था के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। संस्था के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं होने पर सरकार की ओर से मिलने वाला अनुदान रुका हुआ है। यह स्कूल संभाग का एक मात्र विशेष नेत्रहीन आवासीय स्कूल है। स्कूल में कक्षा एक से 12 तक 100 नेत्रहीन बालक-बालिकाएं अध्ययनरत हैं। वहीं 17 का स्टाफ कार्यरत है। अनुदान रुक जाने से स्कूल के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। नेत्रहीन बालक-बालिकाओं को भोजन, पानी, दैनिक आवश्यक सामग्री और कार्मिकों के वेतन नहीं मिलने जैसी समस्या सामने आ रही है। धरना प्रदर्शन के बाद बच्चों और स्टाफ ने कलेक्टर को ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की है।
100 नेत्रहीन स्टूडेंट्स के सामने भूखे मरने की नौबत, एक साल से नहीं मिला सरकार से अनुदान
