सृजन एवं विसर्जन की थीम पर होगा यह भव्य चातुर्मास
उदयपुर। जिन शासन गौरव, प्रज्ञानिधी, विश्व वल्लभ, समरस शिरोमणि आचार्य प्रवर 1008 श्री विजय राज जी म. सा. एवं प्रज्ञा रत्न, उपाध्याय प्रवर श्री जितेश मुनि जी म. सा. के आज्ञानुवर्ती मुनि श्रेष्ठ श्री विनोद मुनि जी म. सा., श्री सूर्य प्रभ जी म. सा., श्री मुदित मुनि जी म. सा. ठाणा 3 का भव्य मंगल प्रवेश महावीर भवन, सेक्टर नं.3 उदयपुर में प्रातः 7.30 बजे उपस्थित अपार जन समुह के जयघोष के साथ हुआ। म. सा. श्री का न्यु केशव नगर से विहार कर आयड, सुभाष नगर, सेवाश्रम से होते हुए जेएमबी के यहा पर उपस्थित जन समुह ने अगवानी करते हुए मुख्य मार्ग से होते हुए महावीर भवन पधारे। श्री विनोद मुनि जी म. सा. ने अपने साथ सभी मुनि राज का परिचय करवाते हुए सभी को इस चातुर्मास में अधिक से अधिक तप, त्याग, धर्म आराधना करते हुए सम्पन्न करने का आह्वान किया, अध्यक्ष आनंदी लाल बम्बोरिया ने सभी का स्वागत करते हुए सभी से अधिक से अधिक सख्या में प्रतिदिन आयोजित कार्यक्रम में भागीदारी रखते हुए यादगार चातुर्मास सम्पन्न करने का निवेदन किया।
आचार्य प्रवर श्री विजय राज जी द्वारा संघ के प्रथम सदस्य एवं णमोकार महामंत्र को करिब 2850000 बार लिखने पर श्री भंवर लाल जी बम्बोरिया को नवकार रत्न से अल्कृत करने पर सभी कार्यकारिणी ने उनका बहुमान किया।
कार्यक्रम के पश्चात नवकारसी का आयोजन रखा गया जिसकी व्यवस्था चातुर्मास संयोजक जीवन सिंह मेहता, के साथ दिल खुश सेठ, हेमन्त पामेचा, भगवती परमार, सोहन लाल भानावत, महेन्द्र डागा, विनोद कदमालिया, मदन सिंयाल, ललित कोठारी, अनिल डागलिया, नवरत्न भडकतिया, श्याम सुंदर धुप्पिया, नविन कंठालिया, पुखराज धींग, कन्हैया लाल सिंघवी, राजेश मेहता, मुक्तक जारोली, संजय दुग्गड, नरेंद्र मेहता, चन्द्र प्रकाश कोठारी, जोरावर सिंह वया, गजेंद्र ओस्तवाल, नरेश मोरवनिया, सुनिल मेहता, महेन्द्र कोठारी, धनरुप मल बम्बोरिया, विनोद लसोड, संजय तलेसरा, विजय सेठिया, दिलीप कावडिया, मुकेश पितलिया, आदि ने सुव्यवस्थित ढंग से कार्य को सम्पन्न कराया, सचिव संजय अलावत ने सभी का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया।
कल से नियमित प्रार्थना, प्रवचन एवं धर्म चर्चा का आयोजन किया जायेगा।


