26 जून को उदयपुर आएंगे सीएम, सलूम्बर में किसानों से मिलेंगे
-सुभाष शर्मा
उदयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की नजर मेवाड़ पर है। जितने दौरे पिछले दो महीनों में मुख्यमंत्री ने मेवाड़ में लगाए, उतने चार सालों में नहीं। एक बार फिर उनके उदयपुर दौरे को लेकर जिला प्रशासन एवं कांग्रेस नेता तैयारियों में जुटे हैं।
मेवाड़ को अभी तक भाजपा का गढ़ माना जाता है, किन्तु जब से भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया, जब से भाजपा यहां कमजोर हुई है और इसी का फायदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उठाना चाहते हैं। मेवाड़ के उदयपुर जिले की बात की जाए तो यहां आठ विधानसभा सीटों में से छह बीजेपी के पास हैं। जिनमें उदयपुर-शहर, उदयपुर-ग्रामीण, झाड़ोल, कोटड़ा, सलूम्बर तथा मावली शामिल हैं। वहीं वल्लभनगर तथा खेरवाड़ा सीट ही कांग्रेस के पास हैं। पिछले डेढ़-दो महीनों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत झाड़ोल, कोटड़ा, मावली, उदयपुर की दोनों विधानसभा क्षेत्र में दौरा कर आम लोगों से मिल चुके हैं। इस बार भाजपा के कब्जे की सलूम्बर सीट की बारी है। जहां 26 जून को सलूम्बर में आयोजित किसान मेले में उनके भाग लेने की योजना है। जहां वह सलूम्बर के लोगों को यह मैसेज देना चाहते हैं कि उनकी दशकों से लंबित जिले की मांग उन्होंने इस साल पूरी कर दी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उदयपुर और सलूम्बर की प्रस्तावित यात्रा की आधिकारिक योजना ना तो सीएमओ ने की है और ना ही जिला प्रशासन ने किन्तु जिस तरह जिला प्रशासन और पार्टी नेता उनकी यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं, उससे जाहिर है कि वह 26 जून को उदयपुर आएंगे। गहलोत सलूम्बर जिला मुख्यालय और उदयपुर में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, सीएम गहलोत सलूम्बर में कुछ योजनाओं का शिलान्यास कर सकते हैं। वे वहां पर महंगाई राहत शिविर में भाग लेकर जन संवाद भी करेंगे। सीएम गहलोत वहां पर जनसभा को भी संबोधित करेंगे।मुख्यमंत्री की यात्रा की तैयारियों को लेकर उदयपुर जिला कलक्टर ताराचंद मीणा, सलूम्बर ओएसडी प्रताप सिंह, एसडीओ सुरेन्द्र पाटीदार और कांग्रेस नेता रघुवीर सिंह मीणा ने तैयारियों का जायजा लिया।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की यात्रा में हेलीपैड स्थल से लेकर जनसभा स्थल तक पूरी व्यवस्था देखी और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। गौरतलब है कि सलूम्बर को जिला बनाने के बाद मुख्यमंत्री की यह पहली यात्रा है। मुख्यमंत्री गहलोत का किसान मेले में भी शामिल होने का कार्यक्रम है। उदयपुर संभाग का दो दिवसीय संभाग स्तरीय किसान मेला 26 व 27 जून को उदयपुर में बलीचा स्थित कृषि उपज मंडी सबयार्ड में आयोजित किया जाएगा। इसमें उदयपुर संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान आएंगे।
कटारिया के जाने से कमजोर हुई बीजेपी
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो वर्तमान परिस्थिति में उदयपुर में बीजेपी को हराना आसान नहीं। यहां बीजेपी के पास कई चेहरे हैं, लेकिन कांग्रेस के पास अभी कोई चेहरा नहीं। असम के राज्यपाल बने गुलाब चंद कटारिया मेवाड़ के कद्दावर नेता थे। उन्होंने यहां रहते हुए मेवाड़ में बीजेपी की जडं़े मजबूत की। अब जब वह यहां नहीं हैं, तो उनके जाने से बीजेपी कमजोर हुई है। इसलिए सीएम गहलोत इस मौके को गवाना नहीं चाहते। कांग्रेस के पास मेवाड़ की इन मुख्य सीटों पर कोई बड़ा चेहरा नहीं है। ऐसे में सीएम गहलोत खुद यहां आ रहे हैं।
अपना जन्म दिन भी मेवाड़ में मनाया
उदयपुर जिले में 8 विधानसभा क्षेत्रों में से सीएम गहलोत 6 पर दौरे कर चुके हैं। इसमें उन्होंने विरासत, सियासत और समाज को साधा। अपने जन्मदिन पर सबसे पहले वो कोटड़ा और झाड़ोल विधानसभा पहुंचे थे। उन्होंने आदिवासी क्षेत्र के लोगों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। उनके घर खाना खाया। यहां सभा करके और घोषणाएं की। इसके बाद सीएम अगले दौरे पर मावली पहुंचे थे। यहां भी कई घोषणाएं की और जैन सम्मेलन में भी शामिल हुए। उदयपुर शहर और ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में वह कई कार्यक्रमों में भाग ले चुके। अब बची भाजपा की सलूम्बर सीट, जिसे साधने वह सातवीं बार उदयपुर आ रहे हैं।
भाजपा के गढ़ मेवाड़ से मुख्यमंत्री गहलोत को आस
