पिपड के ग्रामीणों ने कलेक्टर से की मोबाइल टावर की स्थापना की मांग

डिजिटल इंडिया और आई टी दौर में नेटवर्क ओर मोबाइल टावर नही होने से ग्रामीणों को राशन की फिंगर ,ओर मनरेगा के कामो के ऑन लाइन हाजरी नही होने से घर लौट रहे है श्रमिक
जिला मुख्यालय से 35 किमी हल्दीघाटी मार्ग पर प्रस्तावित नेशनल हाइवे संख्या 162 ई से महज 3 किमी दूर स्थित लोसिंग पंचायत के पिपड गांव में आजादी के 75 वर्षों के बाद भी कॉल लगना सम्भव नही है यहां तो ठीक था ,परन्तु राज्य और केंद्र सरकार द्वारा सभी योजनाओं को ऑन लाइन करने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,खाद्य सुरक्षा के तहत राशन लेने के लिये राशन डीलर को या तो गांव के बाहर स्थित पानी की टँकी पर चढ़ना पड़ता है या 3 किमी दूर सांगठ जाकर ओ टी पी या फिंगर प्रिंट लेनी पड़ती है ,वही गर्भवती महिलाओं को उदयपुर अस्पताल ले जाने के लिये एम्बुलेंस को बुलाने के लिये भी 3 किमी दूर जाकर कॉल करना पड़ता है
अभी हाल ही 1 जनवरी से केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना के कामो में ऑन लाइन हाजरी अनिवार्य करने के बाद श्रमिको को भी हाजरी दर्ज कराने के लिये मेट के साथ पहाड़ी पर चढ़ना पड़ रहा है
आंगनबाड़ी ओर स्कूल के ऑन लाइन काम भी बाधित हो रहे है
लोसिंग ग्राम पंचायत के पिपड ग्राम में मोबाइल टावर की स्थापना को लेकर ग्रामीणों ने देहात जिला कांग्रेस के निवर्तमान प्रवक्ता महामंत्री हेमन्त श्रीमाली की अगुवाई में उप सरपंच गणेश सिंह ,वार्ड पंच तुलसीराम पालीवाल ,वरदी सिंह राजपूत ,भेरू सिंह रामावत ,शिव सिंह ,विनोद पालीवाल , भेरूसिंह ,जीवाराम गमेती ,केसुलाल ,गोपाल ,पोखर लाल ,मोतीलाल ,धूल चंद ,तेजाराम आदि ने जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओ पी बुनकर को देकर बताया कि गांव में पेंथर के आतंक की सूचना भी समय पर नही देने से एक बालिका की जान चली गई थी ,आपात स्थिति मे एम्बुलेंस ओर फायर बिर्गेड को कॉल के लिये भी 3 किमी दूर जाकर कॉल करना पड़ता है ,समय पर सूचना नही मिलने से कई लोगो की जान तक चली जाती है
ग्रामीणों ने बताया कि इस सम्बंध में पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष डॉ सी पी जोशी को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया गया
अति जिला कलेक्टर ने इस मामले में प्राथमिकता से दिखाने का आश्वासन दिया

By Udaipurviews

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