तकनीकी युग में हिन्दी की उपयोगिता पर पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
उदयपुर 20 सितम्बर 2022। देश में अलग-अलग धर्म ,जाति ,संस्कृति ,भाषा, वेशभूषा होने के वावजूद देश को एक रखने में हिन्दी की बेहद अहम भूमिका रही है। उन्होने कहा की राजभाषा हिन्दी विश्व की ऐसी तीसरी भाषा हैं जो सबसे ज्यादा बोली जाती है। यह बात केन्द्रीय संचार ब्यूरो-क्षेत्रीय कार्यालय,उदयपुर (राजस्थान रीजन) सूचना एव प्रसारण मंत्रालय द्वारा 14 से 29 सितम्बर तक मनाए जा रहे राजभाषा हिन्दी पखवाडे के दौरान राजकीय विशिष्ठ उच्च माध्यमिक विधालय के सभागार में आज मंगलवार को आयोजित पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह में केन्द्रीय संचार ब्यूरो-क्षेत्रीय कार्यालय ,उदयपुर, राजस्थान रीजन, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा ने कही।
इस अवसर पर केन्द्रीय संचार ब्यूरो-क्षेत्रीय कार्यालय,उदयपुर (राजस्थान रीजन) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा राजकीय विशिष्ठ उच्च माध्यमिक विधालय रेजीडेन्सी के सहयोग से आधुनिक युग में हिन्दी की उपयोगिता पर आयोजित निबंध एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई । प्रतियोगिताओं में विजेता रही विधालय की छात्रा कुमारी सानिया इकबाल, दीक्ष्तिा सालवी, रिया यादव, रिददी सोलंकी, माहीनूर, सेजन कुवंर राठौड़, कृतिका रेगर, अर्पिता रेगर, पूर्वी यादव तथा तोषिका नायर को ब्यूरो की ओर से सहायक निदेशक रामेश्वर लाल मीणा, विधालय की प्रिसिपल उर्मिला त्रिवेदी , वाइस प्रिसिपल भगवान सिंह राणावत ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में विधालय में हिन्दी साहित्य की व्याख्याता कल्पना दोषी ने हिन्दी राजभाषा के इतिहास एवं हिन्दी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की सविंधान सभा की एक लम्बी चर्चा के बाद 14 सितम्बर 1949 को देवनागरी लिपि में हिन्दी को भारत की अधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया तब से 14 सितम्बर को हिन्दी दिवस मनाए जाने लगा है। इस अवसर पर विधालय की प्रिसिपल उर्मिला त्रिवेदी , वाइस प्रिसिपलभगवान सिंह राणावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में विधालय की छात्राओ एवं अध्यापको ने भाग लिया। अंत में विधालय की अग्रेजी साहित्य की व्याख्याता ऋतु व्यास ने आभार व्यक्त किया।
