उदयपुर। राजस्थान में बढ़़ती बिजली खपत को कम करनें, इमारतों व उद्योगों की इमारतों को ग्रीन सर्टिफाइड और कार्बन शून्य करने हेतु एनर्जी सेविंग क्षेत्र में काम करने वाली संस्था एशरे द्वारा एक जागरूकता अभियान चलाया जायेगा ताकि हम बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें।
एशरे राजस्थान चेप्टर ने धरोहर के सहयोग से इमारतों और उद्योगों के ग्रीन सर्टिफाइड और कार्बन शून्य पर थर्ड स्पेस में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें शहर के 60 से अधिक विभाग प्रमुखों, आर्किटेक्ट, प्रोफेसर ओर स्टूडेंट ने भाग लिया।
एशरे लीडर डॉ. रूपेश अय्यंगर ने बताया कि ग्रीन सर्टिफाइड और कार्बन शून्य कॉरपोरेट्स के अंतिम उपयोगकर्ताओं को उनके व्यवसायों में स्थिरता प्राप्त करने में सहायता करेगा। आने वाले दशक में ग्रीन सर्टिफाइड और कार्बन शून्य इमारतों के बढ़ने की पूरी संभावना है और एशरे ने ऐसे मानक विकसित किए हैं जो मानवता के टिकाऊ जीवन के लिए कार्बन पदचिह्न को कम करने में सहायता कर सकते हैं।
उदयपुर क्षेत्र में इस पहल का नेतृत्व कर रहे आर्किटेक्ट धीरज टंाक ने सभी सम्मानित अतिथियों, वक्ताओं और पैनलिस्टों का स्वागत तथा पूरे कार्यक्रम का संचालन किया। धरोहर के निदेशक केतन भट्ट ने हरित भवन इमारत थर्ड स्पेस पर प्रकाश डाला और बताया कि कैसे ये नई इमारत इको-सिस्टम को सक्षम कर रही हैं।
कार्यक्रम में एक डिस्कशन का आयोजन किया गया जिसमें सिक्योर मीटर के ग्रुप एनर्जी मेनेजर तपिश शर्मा, आर्किटेक्ट एवं कविरा क्रियेशन के एमडी धीरज टाक, पायरोटेक के सहायक प्रबन्धक जतिनसिंह चौहान, आर्किटेक्ट प्रियंका अर्जुन,सलाहकार यश सेन, एवं प्रो. जयप्रकाश श्रीमाली मौजूद थे। एशरे राजस्थान चेप्टर एयर कंडीशनिंग और वेंटिलेशन के क्षेत्र में काम करने वाले प्रशिक्षित पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए समय-समय पर सत्र, विशिष्ट व्याख्यान और सेमिनार आयोजन के साथ ही सभी पहलुओं में इमारतों के वातावरण को बनाए रखने के लिए इसके प्रभाव को कम करने में मदद करता है ताकि कार्बन प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनें।
इमारतों व उद्योगों को ग्रीन सर्टिफाइड और कार्बन शून्य किया जायेंःएशरे धीरज टांक
