राजनीतिक दलों द्वारा राजस्थान में अग्रवाल समाज को टिकट वितरण में मौका नहीं दिए जाने पर समाजजनों में रोष
उदयपुर में अग्रवाल समाज की जिला स्तरीय बैठक में हुआ मंथन
उदयपुर/जयपुर। राजस्थान प्रदेश में प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा अग्रवाल समाज को आशा अनुरूप प्रतिनिधित्व नहीं देने एवं विधानसभा में सिर्फ एक उम्मीदवार बनाने से आक्रोशित अग्रवाल समाज की एक आवश्यक बैठक अग्रसेन नगर स्थित अग्रवाल भवन में रविवार शाम को आयोजित की गई।बैठक में पश्चिमी क्षेत्र अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष के के गुप्ता, समाज के पदाधिकारी प्रकाश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, बालमुकुंद पिद्दी, दिनेश अग्रवाल, रामचंद्र अग्रवाल, मदनलाल अग्रवाल, ओमप्रकाश अग्रवाल, अशोक अग्रवाल,रविंद्र अग्रवाल,के एम जिंदल,संतलाल अग्रवाल,विवेक अग्रवाल,सुधा अग्रवाल,चंचल अग्रवाल सुशीला अग्रवाल,आशा अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में समाज के महिला पुरुष और युवा उपस्थित रहे।
समाज की बैठक को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमारा समाज अपना राजनीतिक भविष्य बनाने की दिशा में चिंतन और मनन करें क्योंकि पिछले दिनों देश के प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा विभिन्न विधानसभा क्षेत्र से अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए हैं उसमें हमारे अग्रवाल समाज का प्रतिनिधित्व बिल्कुल नगण्य सा प्रतीत हो रहा है और प्रदेश भर में सैकड़ो की संख्या में टिकट की मांग रहे कर रहे समाज जनों को दरकिनार करते हुए मात्र एक प्रत्याशी हमारे समाज से बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त हमारे समाज के युवाओं को भी राजनीति के क्षेत्र में आगे आना चाहिए क्योंकि भविष्य युवाओं का ही है और यदि हमारे समाज का युवा जनप्रतिनिधि बनकर किसी बड़े पद पर आसीन होता है और जब समाज के किसी व्यक्ति का सरकारी तंत्र के साथ में आवश्यक कार्य पड़ता है तब वही समाज का युवा जो जनप्रतिनिधि के बड़े पद पर आसीन है आपका काम आसानी से स्वीकृत कर सकता है क्योंकि राजनीति क्षेत्र ऐसा कार्य क्षेत्र है जिसमें यदि आपके समाज से जुड़ा हुआ व्यक्ति किसी बड़े औहदे पर नहीं है तो आपको भी ज्यादा तवज्जो नहीं मिलती है।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज जनों को मायूस होने की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है और आगामी समय में देश की लोकसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और इन चुनाव में पूरा अग्रवाल समाज फिर से एकजुट और संगठित होकर समाज के लिए टिकट की मांग सभी राजनीतिक दलों के समक्ष रखेगा और विशेष करके उदयपुर संभाग की अनारक्षित लोकसभा सीटों पर भी विशेष जोर लगाकर टिकट की मांग रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अग्रवाल समाज को सिर्फ वोट बैंक नहीं समझे क्योंकि हमारा समाज वह समाज है जो वोट तो रखता ही है लेकिन इसके साथ ही यह समाज आर्थिक दृष्टिकोण से सहायता और अनुदान देने में भी सबसे अग्रणी रहता है। राजनीतिक दलों को भी यह तथ्य अवश्य संज्ञान में रखना चाहिए। हमारा समाज मांगने वाला समझ नहीं है बल्कि हम दातार की श्रेणी में आते हैं। हमारी कुलदेवी महालक्ष्मी जी की भी असीम अनुकंपा है कि अग्रवाल समाज बंधु बड़े-बड़े उद्योग घरानो से आते हैं।
उन्होंने कहा कि उदयपुर विधानसभा सीट से जब भारतीय जनता पार्टी से टिकट की दावेदारी की गई तब उनके बायोडेटा में कमियां निकालकर यह बताया गया कि कार्य उपलब्धियां बाहर की है। इसके साथ ही मुझे यह कहा गया कि आप उदयपुर के बाहर से हैं। तो मेरे राजनीतिक जीवन पर प्रश्न लगाने वालों से मैं यह कहना चाहता हूं कि मेरी कार्य उपलब्धियां बाहर की है परन्तु डूंगरपुर नगर में जाकर पूछे कि केके गुप्ता द्वारा सभापति कार्यकाल में ऐसे क्या नवाचार अपनाते हुए कार्य किए गए थे कि आज आपका डूंगरपुर नगर स्वच्छता, पर्यावरण
संरक्षण, जल संचय व जल संरक्षण, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ, महिला सशक्तिकरण, बेरोजगारों को रोजगार, पर्यटक के क्षेत्र में विश्व पटल पर जाना पहचाना जाता है। मेरे द्वारा उदयपुर में भी कार्य करने की कई बार कोशिश की गई गुलाब बाग एवं नगर निगम को 2 वार्ड मुझे गोद देने का निवेदन किया गया जो निगम द्वारा नहीं करने दिया | इसके साथ ही यदि बाहरी होने का दोष लगाया जाता है तो इस पर भी यह पूछना चाहता हूं कि देश के माननीय प्रधानमंत्री महोदय सहित हमारे प्रदेश राजस्थान में भी कई लोकसभा सांसद ऐसे हैं जो किसी और क्षेत्र के मूल निवासी है तथा किसी और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं। यह नियम मेरे लिये ही बना है जबकि मेरा घर व परिवार 25 वर्षो से उदयपुर रहता है यहाँ की नागरिकता कैसे लेनी होगी ।
