जिले में बिजली व्यवस्था सुधारने पर खर्च होंगे ₹132 करोड़: ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग पर लगेगा ब्रेक

-जुगल कलाल 

डूंगरपुर। 21 मई (ब्यूरो) केंद्र सरकार की आरडीएसएस RDSS योजना के तहत डूंगरपुर जिले में पावर ट्रांसफार्मर, फीडर सैपरेशन-सेग्रीगेशन और केबल बदलने का काम किया जा रहा है। इससे बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। साथ ही घरेलू, उद्योग और कृषि उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा। बता दें कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के सहयोग से संचालित योजना RDSS के तहत कुल 132 करोड़ की लागत के साथ ये कार्य किया जा रहा है, जिसके जरिए क्षेत्र में बिजली चोरी पर रोक, गावों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति और करंट लगने या लाइन ड्रिप होने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नवलश्याम में लग रहा है अतिरिक्त ट्रांसफार्मर –डिस्कॉम की ओर से आरडीएसएस योजना में नवलश्याम 33 केवी जीएसएस पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लग रहा है। यहां पर 3.15 केवीए का अतरिक्त ट्रांसफार्मर लग रहा है। इससे जीएसएस की क्षमता दोगुनी हो गई है। इसके कारण औडाबड़ा, नवलश्याम, संचिया और साबली क्षेत्र के 10 हजार उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा। उन्हें गुणवत्तायुक्त बिजली सप्लाई मिलेंगी। पिछले पांच साल से नवलश्याम जीएसएस पर बिजली कनेक्शन का भार ज्यादा होने से ओवरलोड चलता था। अब नई क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर लगने के बाद आने वाले दस साल तक ओवरलोड की समस्या नहीं होगी।

फीडर सेपरेशन और सेग्रीगेशन-जिले में फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में कई फीडर लंबे और अत्याधिक लोड के साथ चल रहे है। लंबे फीडर होने से अक्सर लाइन गिरने, पेड से लाइन छुने के कारण ट्रिपिंग की समस्या होती है। वहीं पेट्रोलिंग के समय भी लाइनमेन को फाल्ट ढूढने में दिक्कत पेश आती है। इसी को ध्यान में रखते हुए 86 नए फीडर बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा करीब 36 फीडर को अलग कर रहे हैं। इससे 33 केवी जीएसएस से लोगों के घर तक बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा।

कहारी में तैयार जीएसएस –जिले में नए 33 केवी जीएसएस के तहत कहारी में नया जीएसएस तैयार किया गया है। इस जीएसएस के बनने के बाद पुनाली-कोलखंडा के साथ कहारी ग्राम पंचायत के एक दर्जन से अधिक गांवों को लाभ होगा। फिलहाल कहारी में आधे से अधिक लोगों को पुनाली, कोलखंड से जोड़ रखा है। वहीं कुछ को दामडी, वरदा क्षेत्र से जोड़ रखा है। कहारी में नया जीएसएस बनने के बाद 10 हजार ग्रामीणों को अब सीधे बिजली सप्लाई मिलेंगी।

केबल बदलने का शुरू होगा कार्य-शहरी विकास की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू सप्लाई से जुड़ी एलटी और 11 केवी लाइनों को केबल में बदला जाएगा। अधिकांश गांवों में खुल्ले तार होने के कारण करंट की समस्या होती है। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र की गलियों में खुल्ले तार से बरसात के दिनों में परेशानी होती है। इसके कारण ऐसी तंग गलियों में खुल्ले बिजली के तारों को आर्मड केबल, एबी सिंगल केबल, रेबिड केबल और इंस्यूलेटर रेबिट कंडक्ट, थ्री फेज केबल से बदला जाएगा। इसके बाद ग्रामीण मौहल्ले में खुल्ले तार बहुत कम देखने को मिलेंगे।

लाइन फाल्ट की समस्या होगी कम –वर्जन 1 – आरडीएसएस योजना में कहारी नया जीएसएस बन रहा है। जिसे फीडर छोटे हो जायेंगे। जिसे की रिमोट एरिया बिजली आसानी पहुंच सकेगी और लाइन फाल्ट भी कम होगा। वहीं, बड़े फीडरो को छोटा किया जा रहा है। विद्युतीकरण में यह प्रोजेक्ट शुद्धिकरण का काम करेगा।

हरिराम कालेरा, एसी, विद्युत विभाग, डूंगरपुर 

वर्जन 2 – जून 2025 कार्य होगा पूर्ण

प्रोजक्ट का 80 फ़ीसदी कार्य पूरा हो चुका है। पांच फीडर का कार्य पूरा कर उसे शुरू कर दिया गया है। साथी ही में लाइन बिछाने, सैपरेशन-सेग्रीगेशन, सिविल कार्य और फीडर काम चल रहा है। जून 2025 तक आरडीएसएस का कार्य पूरा हो जाएगा।

जयेश सरपोटा, अधिशासी अभियंता, प्रोजेक्ट डूंगरपुर 

By Udaipurviews

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