पीठासीन अधिकारी बूथ स्तर पर निर्वाचन आयोग का चेहरा, जिम्मेदारी से करें कार्य : जिला निर्वाचन अधिकारी

विधानसभा आम चुनाव-2023
मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण शुरू
पहले दिन पीठासीन अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण
जिला निर्वाचन अधिकारी ने किया निरीक्षण

उदयपुर, 10 अक्टूबर। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ने कहा कि पीठासीन अधिकारी बूथ स्तर पर निर्वाचन आयोग का चेहरा होता है। इसलिए सभी का दायित्व है कि अपने कर्तव्य का निर्वहन गंभीरतापूर्वक पूर्ण निष्ठा से करें, ताकि निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित निर्वाचन प्रक्रिया संपादित की जा सके।
पोसवाल मंगलवार को राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में विधानसभा आम चुनाव-2023 के मद्देनजर आयोजित पीठासीन अधिकारियों के प्रशिक्षण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारी बिना किसी दबाव या भेदभाव के कार्य करें। ऐसी किसी भी गतिविधि में भागीदारी नहीं निभाएं, जो निर्वाचन प्रक्रिया को दूषित करे। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से निर्वाचन से जुड़ी हर प्रक्रिया और प्रपत्र के बारे में गंभीरता से समझकर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। पोसवाल ने विद्यालय परिसर के विभिन्न कक्षों में चल रहे प्रशिक्षण सत्रों का अवलोकन कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इससे पूर्व उदयपुर व सलूंबर जिले की 8 विधानसभा क्षेत्रों हेतु गठित 2872 मतदान दलों का प्रथम प्रशिक्षण मंगलवार को राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय तथा राजकीय फतह विद्यालय में आयोजित हुआ। मतदान दल में कार्मिक क्रम संख्या 1 से 1650 का प्रशिक्षण राजकीय मीरा कन्या महाविद्यालय उदयपुर में एवं क्रम संख्या 1651 से आगे की क्रम संख्या का प्रशिक्षण राजकीय फतह उच्च माध्यमिक विद्यालय उदयपुर में हुआ। इसमें कार्मिकों को मतदान प्रक्रिया, ईवीएम सिलिंग, मॉक पोल, विभिन्न सूचना प्रपत्र आदि की जानकारी दी गई। अंतिम सत्र में गुगल लिंक के माध्यम से सभी प्रशिक्षणार्थियों का ऑनलाइन टेस्ट भी लिया गया। इस दौरान प्रभारी अधिकारी (प्रशिक्षण) जितेंद्र ओझा, राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ महामाया प्रसाद चौबीसा आदि भी उपस्थित रहे।
इसी क्रम में 11 अक्टूबर को मतदान अधिकारी प्रथम, 12 अक्टूबर को मतदान अधिकारी द्वितीय, 13 अक्टूबर को मतदान अधिकारी तृतीय को प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं 14 अक्टूबर को पीठासीन अधिकारी 2173 से 2904, मतदान अधिकारी प्रथम 2873 से 3183, मतदान अधिकारी द्वितीय 2873 से 3587, मतदान अधिकारी तृतीय 2873 से 3250 का प्रशिक्षण होगा। मतदान दलों के पेयजल, चाय व भोजन की व्यवस्था प्रशिक्षण स्थल पर ही की गयी है। जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार प्रशिक्षण में संबंधित पीठासीन अधिकारियों एवं मतदान अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों/कार्मिकों के विरूद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों में सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाकर दण्डित किया जाएगा।

टोल फ्री नंबर जारी
विधानसभा आम चुनाव-2023 के अंतर्गत मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब अथवा अन्य किसी वस्तु का वितरण किए जाने की शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया गया है। निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण प्रकोष्ठ के सहायक प्रभारी अधिकारी ने बताया कि ऐसी कोई गतिविधि नजर आए तो टोल फ्री नंबर 1950 अथवा जिला नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 0294-2414620 पर शिकायत की जा सकती है।

रात 10 से सुबह 6 बजे तक नहीं हो सकेगा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग
विधानसभा आम चुनावों की घोषणा हो चुकी है। इसके साथ ही राजनैतिक दलों और प्रत्याशियों का प्रचार अभियान भी शुरू हो गया है। इसमें ध्वनि विस्तारक यंत्रों का इस्तेमाल होने से विद्यार्थी वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होने की संभावना के मद्देनजर उच्चतम न्यायालय द्वारा ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए प्रदत्त निर्देशों की पालना में जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलक्टर अरविन्द कुमार पोसवाल ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों एवं राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1963 की धारा 5 एवं नियम 1964 की धारा 4 तथा पर्यावरण (विनियन एवं नियत्रण) नियम 2000 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक आदेश जारी कर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के ध्वनि प्रसारक एवं विस्तारक यंत्रों तथा लाउडस्पीकर के उपयोग को प्रतिबन्धित किया है। यह निषेधाज्ञा 5 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगी।
जारी आदेश के अनुसार किसी भी प्रकार के वाहनों पर लागए गए लाउडस्पीकर्स के उपयोग की अनुमति सुबह 6 बजे से पूर्व तथा रात्रि 10 बजे के बाद नहीं दी जा सकेगी। स्वीकृति योग्य जो अवधि में भी ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग अधिक तेज आवाज से नहीं किया जाएगा। लाउड स्पीकर के खर्चे का संधारण निर्धारित रजिस्टर में किया जाकर चुनाव खर्च में दर्शाना होगा।
इस अवधि में किसी सार्वजनिक सभा अथवा जुलूस के लिए पूर्ण रूप से स्थिर किसी लाउड स्पीकर का प्रयोग किए जाने के संबंध में संबंधित रिटर्निंग अधिकारी, उपखण्ड मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) उदयपुर से पूर्व लिखित अनुमति प्राप्त करनी होगी। आदेश में कहा कि वाहनों पर लाउड स्पीकर लगाए जाने की स्थिति में अनुमति प्रदान करने के लिए सक्षम अधिकारी को अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र में वाहन रजिस्ट्रेशन, वाहन का प्रकार, अभ्यर्थी अथवा राजनैतिक दल का नाम अंकित किया जाएगा एवं इसी प्रकार का अंकन सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्वीकृति में किया जाएगा। आदेश की अवहेलना करने पर लाउडस्पीकर के उपयोग से जुड़े सभी यंत्रों तथा संबंधित वाहन के साथ पुलिस अधिकारियों द्वारा जब्त कर उपयोगकर्ता के विरुद्ध राजस्थान कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1963 के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी।

पेट्रोलियम विक्रेताओं को पेट्रोल, डीजल और ऑयल आरक्षित रखने के निर्देश

विधानसभा आम चुनाव, 2023 के तहत मतदान दलों, सरकारी, अर्द्ध सरकारी तथा अधिग्रहित निजी वाहनों को पेट्रोल, डीजल व लुब्रिकेंट आयल उपलब्ध करवाए जाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी (कलक्टर) अरविंद पोसवाल ने एक आदेश जारी कर जिले के 174 पेट्रोल पंप संचालकों को पेट्रोल, डीजल और ऑयल का रिजर्व स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।
जारी आदेश में उन्होंने पेट्रोलियम विक्रेताओ को निर्देश दिये हैं कि वे आज दिनांक से चुनाव कार्य समाप्ति 5 हजार लीटर डीजल, 2 हजार लीटर पेट्रोल और 200 लीटर ऑयल आरक्षित रखें। यह मात्रा डेड स्टॉक के अतिरिक्त होगी। आरक्षित मात्रा में कमी होने पर अगली सप्लाई से उसकी पूर्ति की जायेगी।
उन्होंने बताया कि इन पेट्रोल पंप डीलर्स को चुनाव कार्य हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी कूपनों के आधार पर न्यूनतम दर मात्रा वाला एच.एस.डी.(हाई स्पीड डीजल/एम.एस.यू.एल.पी सीसा रहित पेट्रोल) एवं ऑयल देंगे तथा कूपनों के अनुसार उपलब्ध कराई गई मात्रा की राशि का भुगतान चुनाव समाप्ति के तुरन्त पश्चात इसकी बिक्री के लेखे पी.ओ.एल. प्रकोष्ठ जिला निर्वाचन कार्यालय उदयपुर को 7 दिन में प्रस्तुत कर भुगतान प्राप्त करें।

By Udaipurviews

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