-पहली बार संचलन में आमंत्रित होंगे विभिन्न समाजों के गणमान्य
उदयपुर, 04 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस विजयदशमी पर परम्परागत रूप से होने वाला पथ संचलन बुधवार 5 अक्टूबर को होगा। संघ की उदयपुर महानगर इकाई की ओर से नगर निगम प्रांगण से शुरू होने वाले इस संचलन से पहले शस्त्र पूजन भी होगा जिसमें विभिन्न समाजों के गणमान्य व विभिन्न संस्थाओं के प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है। ऐसा पहली बार होगा जब संघ के पथ संचलन के आयोजन में समाज प्रमुख व प्रबुद्धजन शामिल रहेंगे। इसके साथ ही संघ की चित्तौड़ प्रांत इकाई के प्रांत प्रचारक विजयानंद स्वयंसेवकों को पाथेय भी प्रदान करेंगे।
संघ के उदयपुर महानगर संघचालक गोविन्द अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल के 2 वर्ष पश्चात होने जा रहे विजयदशमी उत्सव के शस्त्र पूजन व पथ संचलन कार्यक्रम को लेकर स्वयंसेवकों में उत्साह है और विभिन्न शाखाओं पर इसकी तैयारियां चल रही हैं। समाज में सज्जन शक्ति का मनोबल बढ़ाने और दुर्जन शक्ति का मानमर्दन करने के संदेश के साथ होने वाले इस उत्सव में शहर के समाज प्रमुख व प्रबुद्धजन भी आमंत्रित किए गए हैं। संचलन से पूर्व स्वयंसेवकों का सम्पत प्रातः 8.15 बजे रखा गया है। इसके बाद शस्त्र पूजन 8.45 बजे होगा। इसके पश्चात् 9 बजे प्रांत प्रचारक विजयानंद का उद्बोधन रहेगा।
पथ संचलन नगर निगम से 10.15 बजे शुरू होकर 10.21 बजे सूरजपोल चौराहा, 10.23 बजे अस्थल मंदिर, 10.29 बजे मुखर्जी चौक, 10.33 बजे तेलियों की माताजी, 10.36 बजे घंटाघर, 10.41 बजे आयुर्वेद चिकित्सालय, 10.46 बजे हाथीपोल, 10.51 बजे दण्डपोल, 10.56 बजे देहलीगेट, 10.57 बजे बैंक तिराहा, 11.03 बजे नाड़ाखाड़ा, 11.07 बजे फतह मेमोरियल, 11.09 बजे टाउन हॉल लिंक रोड होते हुए 11.15 बजे पुनः नगर निगम प्रांगण में सम्पन्न होगा।
पथ संचलन में शामिल होने के लिए आने वाले स्वयंसेवकों व अन्य गणमान्यों के लिए पार्किंग व्यवस्था नगर निगम की पार्किंग में रखी गई है। अलग-अलग दिशाओं से आने वाले स्वयंसेवकों को अपने वाहन कार्यक्रम स्थल से उचित दूरी पर व्यवस्थित रूप से खड़े करने के लिए कहा गया है ताकि आवागमन बाधित न हो। उन्हें सुबह 8.15 से पूर्व वाहन पार्किंग में रखकर ठीक 8.15 बजे नगर निगम प्रांगण में पहुंचने के लिए सूचित किया गया है। लौटते समय भी जाम न लगे, इस बात का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
शहरवासियों से भी आग्रह किया गया है कि वे पथ संचलन के मार्ग व समय के अनुरूप उस ओर पथ संचलन निकलने के बाद ही आगे बढ़ें। स्वयंसेवकों पर गुलाल न डालें और पुष्प वर्षा भगवा ध्वज पर ही करें।
