कलक्टर ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
उदयपुर 29 सितंबर। उदयपुर जिले में लंपी वायरस के संक्रमण को रोकने की दृष्टि से गो ऋषि दत्त शरणानंद महाराज पथमेड़ा के सानिध्य में गोवंश रक्षा हेतु तैयार किए गए एक चिकित्सा रथ को जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने गुरुवार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके तहत पशुपालन विभाग द्वारा गो वंश आइसोलेशन एवं वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी वैद्य शोभालाल औदिच्य के निर्देशन में गायों के लिए लड्डू का निर्माण कर वितरण किया जा रहा है साथ ही जात्यादि तेल का निर्माण किया जा रहा है। जात्यादि तेल विशेष रूप से लम्पी वायरस से होने वाले त्वचा संक्रमण के बाद त्वचा को बचाने के लिए गायों के लिए उपयोग किया जाएगा।
उदयपुर शहर में गौ रक्षा हेतु जिला कलक्टर एवं गौ ऋषि दत्त शरणानंद महाराज, विट्ठल जी महाराज द्वारा गौमाता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर जिला परिषद सीईओ मयंक मनीष, कैलाश राजपुरोहित, चंद्रप्रकाश सुराणा, संपत माहेश्वरी, नारायण औदिच्य, पशु चिकित्सा विभाग नगर निगम के अधिकारी एनिमल एड कार्यकर्ता समिति के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डॉ. शोभालाल औदिच्य ने बताया कि जन सहयोग द्वारा लड्डू का निर्माण किया गया जो कि स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा वितरण किया जा रहा है। साथ ही प्रशासन के आदेशानुसार 96 लीटर जात्यादि तेल का निर्माण किया जा रहा है जोकि गायों के त्वचा संक्रमण को रोकने एवं ठीक करने में बहुत ही प्रभावी औषधि है। जिले में सभी गायों एवं संक्रमित पशुओं के बचाव के लिए त्वरित कार्य किया जा रहा है।
जात्यादि तेल में क्या है?
जात्यादि तेल कई आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से बनाया गया है। जात्यादि तेल में चमेली पत्र नीम पत्र पटोल पत्र करंज पत्र मोम मुलेठी, कुठ हरिद्रा, दारू हरिद्रा, कुटकी, मंजीठ, पदमाख, लोद्र हरड,़ कमल, केसर, शुद्ध तुथ्य, अनंतमूल, करंज बीज सभी 1 किलो 200 ग्राम की मात्रा में तिल्ली का तेल 96 किलो और जल 380 किलो की मात्रा लेकर विधि पूर्वक बनाया जाता है।
