बाल विवाह मुक्त उदयपुर अभियान-बाल विवाह की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत-कलक्टर

उदयपुर, 17 अक्टूबर। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के तहत जिले में संचालित बाल विवाह मुक्त उदयपुर अभियान के समापन अवसर पर जनजाति अंचल सराड़ा के थाणा गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर एवं गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला कलक्टर ताराचंद मीणा के मुख्य आतिथ्य में हुआ।
कलक्टर मीणा ने ग्रामीणों को अपने बचपन का उदाहरण देते हुए बताया कि वे स्वयं सरकारी विद्यालय से पढ़कर आज जिला कलक्टर बने। बाल विवाह हमारे समाज पर कलंक है, हमें मिलकर सामूहिक रूप से इस सामाजिक बुराई को खत्म करना होगा। बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 अंतर्गत बाल विवाह करना या करवाना जहां अपराध है वही इस बाल विवाह में किसी भी प्रकार का सहयोग करना भी अपराध की श्रैणी में आता है। ऐसे लोगों की सूचना मिलने पर इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही होगी। बच्चों के जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है। हमंे उन्हें बाल विवाह या बाल श्रम के दलदल में नहीं ढ़केलना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राज्य स्तरीय बीस सूत्री कार्यक्रम के नवनियुक्त सदस्य लक्ष्मीनारायण पण्ड्या ने ग्रामीणों को राजस्थान सरकार द्वारा बच्चों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बाल विवाह मुक्त समाज के लिए संकल्प दिलाया।
अभियान के संयोजक एवं राजस्थान बाल आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. शैलेन्द्र पंड्या ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और बताया कि अभियान के तहत जिले के 125 गांवों तक विगत 7 दिनों में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को बाल विवाह रोकने के लिए संकल्प करवाया गया है।
कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि सराड़ा प्रधान पंचायत समिति सराड़ा बसन्ती देवी मीणा ने ग्रामीणों को जागरूक रहने, सरकार की योजनाओं का लाभ लेने और अपने बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया। गायत्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधी नितिन पालीवाल ने आभार जताया। कार्यक्रम पश्चात ग्रामीणों को जागरूक करती मशाल रैली को जिला कलक्टर एवं जनप्रतिनिधियों की अगुवाई में रवाना किया गया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि व समाजसेवी मौजूद रहे।

By Udaipurviews

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