उदयपुर एक सितंबर। मछली पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में मछली पालन से जुड़े व्यक्तियों को विभिन्न सुविधाएं मुहैया करवायी जा रही है। योजना का लाभ लेने के लिए मछुआरा समुदाय, मत्स्य पालक, मछली विक्रेता, स्वयं सहायता समूह, मत्स्य सहकारी समितियां, निजी फर्म, फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन अथवा कम्पनियां, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिलाएं इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकती है।
जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने अधिकाधिक लोगों को इस योजना का लाभ लेने का आह्वान किया है। जिला मत्स्य विकास अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत सामान्य वर्ग के लोगों को ईकाई लागत का अधिकतम 40 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला लाभार्थियों को ईकाई लागत का अधिकतम 60 प्रतिशत अनुदान राशि डी.बी.टी. के माध्यम से दी जाएगी। लाभार्थी को शेष राशि की व्यवस्था स्वयं के स्तर से अथवा बैंक ऋण के माध्यम से करनी होगी। लाभार्थियों को देय अनुदान की राशि दो या तीन किश्तों में देय होगी।
मत्स्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रमुख योजनाओं के तहत मछली पालन के लिए निजी जमीन पर नये तालाब का निर्माण, मछली बीज पालन के लिए निजी जमीन पर नर्सरी अथवा रियरिंग तालाब का निर्माण, मछली पालन पर प्रथम वर्ष में होने वाले उत्पादन पर व्यय, कम्पोजिट मछली पालन, स्केम्पी, पंगेशियस, तिलापिया पालन, मत्स्य बीज उत्पादन हैचरी की स्थापना, बायोफ्लॉक पोंड का निर्माण इनपुट व्यय सहित, जलाशय में फिंगरलिंग संचयन एक हजार फिंगरलिंग प्रति हेक्टेयर की दर से, सजावटी मछली पालन की स्थापना, बैकयार्ड ईकाई की स्थापना, मध्यम ईकाई की स्थापना, पालन एवं प्रजनन ईकाई की स्थापना, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम की वृहद, मध्यम, लघु व बैकयार्ड मिनी ईकाई की स्थापना, फिश केज व पेन कल्चर की स्थापना, आईस प्लांट या कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, प्रशीतित वाहन क्रय करने, ई-रिक्शा, साईकिल व मोटर साईकिल क्रय आईस बॉक्स सहित, फिश फीड मिल की लघु, मध्यम व वृहद ईकाई की स्थापना आदि योजना में लाभ लेने के लिए पात्र आवेदक अपना आवेदन कर सकते हैं।
जिला स्तरीय मॉनिटरिंेग समिति की बैठक 2 सितम्बर को
उदयपुर एक सितम्बर। केन्द्रीय क्षेत्र योजनान्तर्गत जिले में कृषि आधारभूत संरचना निधि के तहत वित्तीय सुविधा के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। इस समिति की बैठक शुक्रवार 2 सितंबर को दोपहर 1 बजे जिला कलक्टर ताराचंद मीणा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी। यह जानकारी समिति के सदस्य सचिव शशिकमल ने दी।
जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन आज
उदयपुर एक सितंबर। जिला प्रशासन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 73वें जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन 2 सितम्बर को प्रातः 8.30 बजे रिजर्व पुलिस लाईन परिसर में किया जाएगा। उप वन संरक्षक मुकेश सैनी ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उदयपुर शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया, अध्यक्ष संभागीय मुख्य वन संरक्षक आर.के. सिंह तथा विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा, संभागीय आयुक्त राजेन्द्र भट्ट, पुलिस महानिदेशक प्रफुल्ल कुमार व जिला कलक्टर ताराचंद मीणा उपस्थित रहेंगे।
सौर ऊर्जा आधारित पम्प परियोजना की स्वीकृति के संबंध में दिशा-निर्देश
उदयपुर एक सितंबर। प्रधानमंत्री कुसुम योजनान्तर्गत अनुदान पर सोलर पम्प सेट स्थापित करने के लिए प्राप्त लक्ष्य के तहत ऑफलाईन प्रशासनिक स्वीकृति एवं कार्यादेश जारी किये जा रहे हैं।
उप निदेशक उद्यान डॉ. एन.के. सिंह ने बताया कि जिले के सौर ऊर्जा पम्प परियोजना के लिए राजकिसान साथी पोर्टल पर आवेदन करने वाले कृषकों को प्राप्त लक्ष्य अनुसार सामान्य श्रेणी, अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के कृषकों द्वारा अभी तक आवेदन करने वाले कृषक अपनी पत्रावली समस्त दस्तावेजों की पूर्ति करते हुए जिस कंपनी से सौर ऊर्जा पंप स्थापित कराना है, उसका कोटेशन एवं कृषक हिस्सा राशि का डिमाण्ड ड्राफ्ट 15 दिवस में कार्यालय उपनिदेशक उद्यान, उदयपुर में प्रस्तुत करना होगा ताकि प्रशासनिक स्वीकृति व कार्यादेश जारी किया जा सके। उन्होंने बताया कि 15 दिवस तक आवश्यक दस्तावेज व कृषक हिस्सा राशि जमा नहीं करवाये जाने की स्थिति में कृषक की पत्रावली की वरियता समाप्त कर दी जाएगी।
केरल के राज्यपाल 3 सितम्बर को उदयपुर आएंगे
उदयपुर एक सितंबर। केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान 3 सितम्बर को प्रातः 8.15 बजे वायुयान से महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पहुंचेंगे तथा प्रातः 8.30 बजे सड़क मार्ग द्वारा माउंट आबू के लिए प्रस्थान करेंगे। जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने पुलिस विभाग सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को प्रोटोकॉल ड्यूटी के अनुसार आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का अधिकाधिक लाभ उठाएं-जिला कलक्टर
