एसआईआर को लेकर कांग्रेस में हताशा और निराशा का माहौल 

सात बार कांग्रेस शासन में हुई एसआईआर तब सही, आज भाजपा शासन में गलत? दोहरा चरित्र उजागर
उदयपुर एसआईआर को लेकर कांग्रेस झूठे ओर खोखले दावे कर झूठे नरेटिव का वातावरण बनाने की कोशिश कर रही है । देश में आठ बार एसआईआर प्रक्रिया की गई जिसमें सात बार कांग्रेस के शासन काल में हुई है । तब क्या ये सही थी ? बिना किसी प्रमाण के भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाना कांग्रेस की हताशा और गैर जिम्मेदार राजनीति को उजागर करता है ।
उक्त विचार भाजपा उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहे ।
राठौड़ ने कहा कि आपत्तियां हर राजनीतिक दल का BLA 1 एवं BLA 2 ओर पार्टी कार्यकर्ता देते हैंयह उनका अधिकार हे
ओर इन आपत्तियों का निरीक्षण ,अवलोकन कर एक प्रक्रिया के तहत पक्षापक्ष सुनकर हटाने का अधिकार प्रशासन का है। निर्वाचन आयोग जाँच करेगा नोटिस देगा सही होगा वो नाम नहीं हटेगा ग़लत होगा वो हटेगा
मतदाता सूची  शुद्धिकरण एक सामान्य प्रक्रिया है जो वर्षों से समय समय पर होती रही है ।
कांग्रेस चुनाव हारती है तो ठीकरा ईवीएम पर फोड़ती है लेकिन चुनाव जीतने पर यही ईवीएम सही हो जाती है ।
कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति के चलते यह चाहती है कि अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या भारत में रहे और वोटर लिस्ट में उनके नाम जुड़े रहे जो भाजपा और भारतीय नागरिक कभी स्वीकार कर ही नहीं सकता।
By Udaipurviews

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