बह्म मुर्हूत से ही शिव भक्तों ने हर हर महादेव के साथ किया अभिषेक
उदयपुर। शनि प्रदोष के अनूठे संयोग वाला महाशिवरात्रि पर्व शनिवार को अतिप्राचीन शिवधाम रानी रोड़ पर स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में पूर्ण श्रद्धा एवं विविध पूजानुष्ठान के साथ मनाया गया।
सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर न्यास अध्यक्ष तेजसिंह सरूपरिया ने बताया कि महाशिवरात्रि महोत्सव समिति के तत्वाधान में प्रभु महाकालेश्वर की प्रातः 6.30 बजे मंगला आरती व पूजा के बाद 10.30 शनि प्रदोष महापूजा, भगवान भोलेनाथ का विशेष श्रृंगार, भोग, ध्वजपताकाओं का पूजन व आरती की गई। इसके बाद अभिजित मुर्हत 12.15 बजे श्रीगणपति, श्री भैरव, ओगडी माई की धूणी व भोलेनाथजी के समाधि पर ध्वजा चढाई गई।
प्रन्यास सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार परम्परागत प्रथा के अनुरूप महादेव का सहस्त्रधारा जलाभिषेक हुआ। इस मौके पर मंदिर के सभाभवन एवं गर्भगृह को सुगन्धित पुष्पों से श्रृंगारित किया गया। भोलेनाथ की मंगला आरती, मध्याह्न आरती एवं सांयकाल को विशेष श्रृंगार, पूजा-अर्चना एवं महाआरती की गई। सचिव चन्द्रशेखर दाधीच ने बताया कि दोपहर 1.00 बजे शिव सानिध्य में विष्णुसहस्त्रनाम पाठ का आयोजन किया गया व सांय 6.00 बजे गंगाघाट पर महाआरती की गई। रात्रि को चारों पहर की पूजा व परम्परागत रूप से महाकालेश्वर का विभिन्न द्रव्य से रूद्राभिषेक एवं पूजा अर्चना पं. फतहलाल चैबीसा, हरीश नागदा, मधुसूदन सुखववाल, मनोज चैबीसा, महेश दवे द्वारा सम्पन्न कराई जाएगी।
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में शिवभक्तों द्वारा दर्शन लाभ लिया जाएगा। महाशिवरात्रि के अवसर पर गौ-सेवा मनोरथ के तहत गायों की पूजा अर्चना कर उन्हें लापसी का भोग धराया गया।
मंदिर प्रशासक दीक्षा भार्गव व प्रेमलता लोहार ने बताया कि इस दिन भक्तजनों के लिए प्रातः 4.00 बजे से सभामण्डप मे स्थापित घट से जलाभिषेक की व्यवस्था की गई। दर्शनार्थियों के लिए महिला व पुरूषों के लिए अलग-अलग कतारों से दर्शन की व्यवस्था की गई ताकि सभी भक्तजनों को सुगमता से दर्शन लाभ हो सका। जिसमें रूद्रवाहिणी, रूद्रसेना, महारूद्रमण्डल, ट्रस्ट पदाधिकारियों व कार्यकारिणी सदस्यों व गठित समिति के सदस्यों द्वारा व्यवस्था की जायेगी।
महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आज सार्वजनिक प्रन्यास मंदिर श्री महाकालेश्वर उदयपुर में भक्तों का सुबह से ही रेलमपेल चल रहा हैं। इतने बड़े आयोजन में अनुष्का ग्रुप ऑफ इंस्टीटूट के तकरीबन 100 विद्यार्थियों ने अपनी सेवायें देकर शिवभक्ति की एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर अनुष्का ग्रुप के संस्थापक डॉ. एस. एस. सुराणा सर ने सभी विद्यार्थियों द्वारा किये गए इस सेवा कार्य को सराहा एवं कहा कि अनुष्का में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ सेवा भाव के संस्कार भी सिखाये जाते हैं। जिससे की वे देश सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें। संस्थान के निदेशक श्री राजीव सुराणा ने बताया कि इस अवसर पर आज लाखों श्रद्धालु महाकाल मंदिर प्रांगण में दर्शन लाभ को पधारे जिनके लिए व्यवस्था को संभालना काफी मुश्किल हो जाता हैं मगर सभी विद्यार्थियों ने जिस जुनून से निःस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएं दी काबिले तारीफ हैं।

समिति सदस्य शेषमल सोनी, अनिल चैधरी, यतीन्द्र दाधीच ने बताया कि इस दिन दर्शनार्थियों के लिए पार्किंग व्यवस्था दुपहिया व चार पहिया वाहनों के लिए रानीरोड स्थित मार्ग पर रहेगी मंदिर परिसर में वाहनों का प्रवेश निशेध रहेगा। असामाजिक तत्वों से दर्शनार्थियों की सुरक्षा के लिए पूरे मंदिर परिसर में 32 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रही। साथ ही शिवरात्रि पर सुरक्षा व यातायात की व्यवस्था पुलिस प्रशासन भी रही।
एडवोकेट महिपाल शर्मा व विनोद शर्मा ने बताया कि दर्शनार्थियों के लिए टेन्ट, छाया, पानी व बेरिकेट की व्यवस्था महिला-पुरूष के लिए अलग-अलग की गई। सभी समितियों द्वारा व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित ढंग से किया गया जिससे महाशिवरा़ित्र पर्व का आयोजन भव्य रूप से हो सका।
मीडिया प्रभारी गोपाल लोहार ने बताया कि आदि गुरू की प्रतिमा के सामने शिव भजनों पर सायं 5 बजे से शिव भक्तों ने नृत्य किये जो देर रात तक चले।
आज की बैठक में प्रन्यास महिपाल शर्मा, गोपाल लोहार, विनोद शर्मा, चतुर्भुज आमेटा, शंकर कुमावत, पुरूशोतम जीनगर, रवि शंकर नन्दवाना, कमल चौहान, के जी पालीवाल, भंवर पालीवाल, अनिल वानखेडे, हरीश लोहार, सुरेन्द्र मेहता, दीक्षा भार्गव, प्रेमलता लोहार, रंजिता, चन्द्रकला, सुनीता पाल, लता माली सहित कई शिवभक्त मौजूद थे।
