कैमरा ट्रेप के अलावा वाटर होल पद्धति से होगी गणना
उदयपुर, 02 मई । प्रदेश में वन्यजीव गणना इसी महीने की 23 और 24 तारीख को होगी। वन विभाग गणना की योजना को लेकर सक्रिय हो चुका है। इस बार कैमरा ट्रेप के साथ वाटर होल पद्धति से वन्यजीवों की गणना होगी।
विभागीय आदेश के तहत वैशाख पूर्णिमा पर 23 मई को सुबह 8 बजे वन्यजीवों की गणना शुरू होगी जो 24 मई सुबह 8 बजे तक चलेगी। गणना सटीक हो इसके लिए वन्यजीव प्रभाग के प्रधान मुख्य संरक्षक जयपुर ने गाइडलाइन जारी कर दी है।
प्रदेश में बाघ, तेंदुआ तथा अन्य वन्यजीवों की गणना के लिए वाटर होल पद्धति के लिए 24 घंटे गणना की व्यवस्था के लिए उन जगहों को चिन्हित किया जाएगा, जहां वन्यजीव अधिक संख्या में रहते हैं। पानी के स्त्रोतों को 23 मई को पानी की उपलब्धता देखते हुए सूचीबद्ध किया जाए। साथ ही ऐसे वॉटर हॉल्स जहां, अधिक संख्या में विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव आने की संभावना हो वहां पर कैमरा ट्रेप लगाए जाए। सभी वन मंडलों को वन्यजीव गणना के आंकड़े अपने मंडल के जरिए सीधे जयपुर मुख्यालय को 4 जून तक भेजने होंगे।
तीन श्रेणियों में होगी वन्यजीव गणना
वन जीव गणना में मांसाहारी, शाकाहारी और रेप्टाइल्स तीन श्रेणियां में गणना की जाएगी। वन्यजीवों में मुख्यतः बाघ, बघेरा, जरख, सियार, जंगली बिल्ली, मरु बिल्ली, लोमड़ी, मरू लोमड़ी, भेड़िया, भालू, चिंकारा, सांभर, चौसिंघा, सियागोश, जंगली सुअर, सेही, उड़न गिलहरी प्रमुख रूप से शामिल है।
चोरी से परेशान ग्रामीणों ने किया नाई थाने का घेराव
उदयपुर. ग्रामीण इलाकों में बढ़ती चोरी से परेशान होकर लोगों ने गुरुवार रात नाई थाने का घेराव किया। ग्रामीणों पर वारदातों पर अंकुश नहीं लगाए जाने तथा चोरों की गिरफ्तारी जल्द नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। बताया गया कि गुरुवार रात नाई तथा आसपास गांवों के कई लोग समूह के रूप में नाई थाने पहुंचे तथा क्षेत्र में बढ़ती चोरियों को लेकर आक्रोश जताया। इधर, पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी उनकी गिरफ्त में होंगे।
