विक्रम सम्वत भारतीय संस्कृति की पहचान – प्रो. सारंगदेवोत

हस्ताक्षर अभियान का हुआ शुभारंभ
उदयपुर 13 मार्च / विक्रम सम्वत को राष्ट्रीय सम्वत घोषित करने व महाराजा विक्रमादित्य की प्रतिमा संसद में स्थापित करने की मांग को लेकर अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति द्वारा चलाये जा रहे हस्ताक्षर अभियान के तहत सोमवार को जनार्दनराय नागर  राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति सचिवालय के सभागार में कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, रजिस्ट्रार डॉ. हेमशंकर दाधीच, प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, ले.जनरल एन.के. सिंह राठौड़, डॉ. हरीश शर्मा, जयकिशन चौबे , डॉ. पारस जैन ने विद्यापीठ में हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया। प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व में सबसे प्राचीन संस्कृति है, इसकी पहचान विक्रम सम्वत से ही स्पष्ट  होती है। इसी से ही भारतीय ऋषि मुनियेां ने काल गणना की है जिसे वर्तमान में स्वीकारा जा रहा है। लेकिन वर्तमान में आज की युवा पीढ़ी इस्वी सन को ही नववर्ष मान कर नववर्ष मनाते हैं जो भारतीय संस्कृति के विपरित है, युवाओं में भारतीय संस्कृति चेतना जागृत करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर जितेन्द्र मोहन, डॉ. कुलशेखर व्यास,  डॉ. यज्ञ आमेटा, इन्द्रजीत सिंह राणावत, डॉ. जयराम आचार्य, प्रो. विमल शर्मा, हरीश तलरेजा, हाजी, गणेशलाल नागदा, अम्बालाल सनाढ्य, डॉ. चन्द्रेश छतलानी, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, जितेेन्द्र सिंह चौहान, लहरनाथ सहित कार्यकर्ताओं ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लिया।

By Udaipurviews

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