उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में भूस्थानिक प्रौद्योगिकी, भौगोलिक सूचना तंत्र एवं इमेज प्रोसेसिंग सोफ्टवेयर्स पर दो दिवसीय कार्यशाला आज सम्पन्न हुई। कार्यशाला की संयोजिका विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सीमा जालान ने बताया कि स्कैनपाॅइंट जियोमैटिक्स लिमिटेड (एसजीएल), अहमदाबाद एवं रुसा के तहत विभाग में स्थापित भूस्थानिक कौशल विकास एवं अद्यमिता प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में अकादमिक उद्योग सहयोग कार्यक्रम के तहत इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था। इसमें उदयपुर संभाग के नगर नियोजन एवं वन विभाग के प्रतिनिधि एवं विश्वविद्यालय भूगोल एवं भूगर्भ शास्त्र विभाग के शिक्षकों सहित पन्द्रह प्रतिभागियों ने भाग लिया। दो दिनों में एसजीएल के विशेषज्ञ राजबीर सिंह, दिशा चैहान एवं सौरवी घोषने रिमोट सेंसिंग एवं भौगोलिक सूचना तंत्र तकनीक, डेटा निर्माण एवं प्रोसेसिंग मेंप्रशिक्षण के साथ – साथ सड़क नेटवर्क प्रबंधन, जल एवं वन संसाधन, स्मार्ट सिटी कार्यक्रम, नगर नियोजन, नगर निगम कार्य प्रबंधन, भू-राजस्व प्रबंधन,इत्यादि स्थानीय प्रशासन हेतु आवश्यकक्षेत्रों मेंआईजीआईएस साॅफ्टवेयर के प्रयोग का प्रदर्शन किया। कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुएरजिस्ट्रार सी.आर. देवासी ने कहा कि भूस्थानिक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। समय के साथ तकनीकी नवाचारों ने इस प्रौद्योगिकी के प्रयोग को सरल बना दिया है। वाईस – प्रेसिडेंट राजबीर सिंह ने कहा कि भूगोल विभाग के अकादमिक कार्यक्रमों में एसजीएल की ओर से पूर्ण सहयोाग किया जायेगा। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर एन एस राठौड़ थे। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण – पत्र वितरित किए गए। सह – संयोजिका डाॅ. उर्मि शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापित किया ।
