आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और समावेशी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के निर्माण पर हुआ मंथन
उदयपुर, 19 जनवरी। भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा उदयपुर के मैरियॉट होटल में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर में देश के खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ। इस शिविर का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करने, मूल्य वर्धन को प्रोत्साहित करने तथा युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना रहा।
शिविर के दौरान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य एक आधुनिक, प्रतिस्पर्धी और समावेशी खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र विकसित करना है, जो भारत की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने, कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का सशक्त माध्यम है।
केंद्रीय मंत्री श्री पासवान ने कहा कि केंद्र सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने और नवाचार आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे चिंतन शिविर नीति निर्माण को मजबूत आधार देंगे और भारत को वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
चिंतन शिविर में मंत्रालय के सचिव अभिनव जोशी, विशेष सचिव स्मत नंदिता गोपाल तथा संयुक्त सचिव देवेश देवल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हो रहे तकनीकी परिवर्तनों और स्टार्टअप ग्रांट चौलेंज के विजेताओं की सफलता की कहानियों पर आधारित विशेष प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया, जो नवाचार और उद्यमिता को प्रेरित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिविर के दौरान खाद्य प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि, व्यापार को सुगम बनाने, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ठोस और व्यावहारिक रणनीतियों पर गहन चर्चा हुई। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, स्टार्टअप्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए नीतिगत सुधारों और निवेश संभावनाओं पर उपयोगी सुझाव दिए।
उदयपुर में कृषि प्रसंस्करण मंत्रालय का दो दिवसीय चिंतन
