आज की सबसे बड़ी चुनौती पर्यावरण और जलवायु का संतुलिकरण करना

उदयपुर, 14 मार्च। एक पेड़ देश के नाम राष्ट्रीय अभियान के अंतगर्त पर्यावरण का संरक्षण एवं अपने परिवार में पॉलिथीन से इको ब्रिक्स कैसे बनाए पर बेदला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
उदयपुर विभाग के पर्यावरण सहसंयोजक गणपत लौहार ने बताया कि पर्यावरण बचाने के लिए पौधरोपण अति आवश्यक है। आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है पर्यावरण और जलवायु को संतुलित बनाएं रखना, जिसके कई समाधान हो सकते है लेकिन मुख्य रूप से वृक्षारोपण पर ध्यान देना होगा। प्रत्येक परिवार अपने घर में बीजारोपण से पौधारोपण करें और पौधारोपण से वृक्षारोपण, अर्थात घर-घर नर्सरी होनी चाहिए। सभी को एक पेड़ देश के नाम अभियान में सपरिवार जुड़ने का आह्वान किया।
वरिष्ठ अधिवक्ता ओर समाज सेवी खूबी लाल सिंघवी ने प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में बताया कि प्लास्टिक के इस्तेमाल से सीसा, कैडमियम और पारा जैसे रसायन सीधे मानव शरीर के संपर्क में आते हैं। ये जहरीले पदार्थ कैंसर, जन्मजात विकलांगता, इम्यून सिस्टम और बचपन में बच्चों के विकास को प्रभावित कर सकते है। नीदरलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ एम्सटर्डम ने अपनी रिसर्च में पहली बार पाया है कि 80% लोगों के खून में प्लास्टिक के कण मौजूद हैं। इससे हार्ट अटैक और किडनी फेल होने का खतरा हैं। का कम उपयोग करने पर ध्यान दें, घर से समान खरीदने जाते हैं तो शॉपिंग बैग साथ लेकर जाएं। प्लास्टिक पर रोकथाम ना सिर्फ हमारी आज की पीढ़ी के लिए उपयोगी है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इसका बहिष्कार जरूरी है।
अंत मे सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को ऐसा प्लास्टिक जो पुनः काम मे नही आ सकता का उपयोग नहीं करने एवं घर में उपयोग में लायी गयी पॉलिथीन घर में ही उपयोग करने का संकल्प दिलाया।
By Udaipurviews

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