जयपुर, 3 मार्च। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती ममता भूपेश ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बजट घोषणा 2023-24 में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत द्वारा संवेदनशील निर्णय लेते हुए प्रदेश मे 8 हजार नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र एवं 2 हजार मिनी आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि अनेक बार पत्र लिखने के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की स्वीकृति नहीं देने के कारण अब राज्य सरकार द्वारा ही नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाएंगे।
श्रीमती भूपेश ने प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गये पूरक प्रश्न के जवाब में कहा कि राज्य सरकार द्वारा लगातार आंगनबाड़ी के पहले से मौजूद भवनों के सुदृढ़िकरण और आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों के नए भवनों का निर्माण वित्तीय सुविधा के आधार पर किया जाएगा।
इससे पहले महिला एवं बाल विकास मंत्री ने विधायक श्री लाखन सिंह के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में कहा कि विधान सभा क्षेत्र करौली में विगत 4 वर्षों में नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र नहीं खोले गये है। उन्होंने कहा कि विधान सभा क्षेत्र करौली में वर्तमान में बाल विकास परियोजना करौली के अधीन 261 आंगनबाड़ी केन्द्र एवं बाल विकास परियोजना हिण्डौन सिटी के आंशिक क्षेत्र में 82 आंगनबाड़ी केन्द्र सहित कुल 343 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। उन्होंने संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के 28 जुलाई 2015 के पत्र द्वारा सूचित किया गया कि आईसीडीएस सेवा विस्तार हेतु अभी नवीन केन्द्र स्वीकृत नहीं किये जा सकते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि इसके उपरान्त भी स्थानीय प्रतिनिधियों तथा जनप्रतिनिधियों के द्वारा नवीन आंगनबाड़ी केन्द्र खोले जाने के संबंध में निरन्तर की जा रही मांग को देखते हुए जनसंख्या एवं निर्धारित मापदण्ड के अनुसार नवीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्वीकृति के बाबत् महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार को अनेक बार पत्र प्रेषित किए गये हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में भारत सरकार से अब तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।
