—पिंक पखवाड़ा, टीबी उन्मूलन और एनसीडी स्क्रीनिंग पर जोर, सीएमएचओ ने दिए कड़े निर्देश
उदयपुर, 26 नवंबर : जिला कलेक्टर के निर्देश पर बुधवार को स्वास्थ्य भवन बड़ली में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अशोक आदित्य ने की। बैठक में सीएमएचओ प्रथम व द्वितीय, अतिरिक्त सीएमएचओ, आरसीएचओ, आरएमएससी, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ, शहर प्रभारी, डीपीएम, बीसीएमओ, बीपीएम सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े जिलेभर के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, टीबी उन्मूलन और एनसीडी कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। आरसीएचओ डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि गर्भवती महिलाओं का प्रथम त्रैमासिक में ही पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। कई ब्लॉकों—जैसे मावली, वल्लभ नगर, गोगुंदा और फलासिया—में एएनसी एवं संस्थागत प्रसव के लक्ष्यों की पूर्ति संतोषजनक नहीं है। दिसंबर में आयोजित होने वाले पिंक पखवाड़े के दौरान एनीमिक महिलाओं को एससीएम इंजेक्शन लगाने पर विशेष जोर रहेगा।
परिवार कल्याण कार्यक्रम पर अतिरिक्त सीएमएचओ डॉ. रागिनी अग्रवाल ने कहा कि नसबंदी के मामलों में गिरावट सुधारने की आवश्यकता है, विशेषकर कोटड़ा, झाड़ोल, फलासिया और नयागांव में। अंतरा साधन और पीपीआईयूसीडी की प्रगति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. अक्षय व्यास ने जिले में टीकाकरण दर 92% बताते हुए इसे 95% तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। एनसीडी नोडल अधिकारी डॉ. प्रणव भावसार ने 30 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी लोगों की स्क्रीनिंग बढ़ाने और पोर्टल पर 100% एंट्री सुनिश्चित करने पर बल दिया।
टीबी कार्यक्रम की समीक्षा में डीपीसी देवेंद्र पाल ने बताया कि संभावित रोगियों की समय पर स्क्रीनिंग और नाट टेस्ट बढ़ाना आवश्यक है। टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों हेतु और प्रयास करने होंगे।
सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने सभी संस्थानों को बायो-वेस्ट प्रबंधन, फायर एनओसी, एमएलसी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पोर्टल एंट्री समय पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी समय औचक निरीक्षण किया जा सकता है और बिना सूचना मुख्यालय छोड़ने पर कार्रवाई होगी।
