समाज सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं – दिव्या सारस्वत
उदयपुर, 21 अगस्त २०२३। अपनी दिवंगत पुत्री चारु सारस्वत की स्मृति में सारस्वत दंपती दिव्या-विजय सारस्वत ने चित्रकूट नगर स्थित समाज भवन पर एक 18 x 20 वर्ग फीट कमरे का निर्माण शुरू करवाया।
सेवानिवृत शिक्षा अधिकारी विजय सारस्वत व उनकी अर्धांगिनी द किड्स स्कूल की संस्थापिका दिव्या सारस्वत द्वारा विगत दिनों समाज के सम्मेलन में अपनी पुत्री की स्मृति में एक कमरा मय लेट-बाथ बनाने की घोषणा की थी जिसकी क्रियान्विति में कमरे निर्माण हेतु नींव पूजन समाज अध्यक्ष महर्षि सारस्वत, उपाध्यक्ष हेमन्त सारस्वत, कोषाध्यक्ष कैलाश सारस्वत, सह सचिव प्रवीण शर्मा, संजीव शर्मा, सांस्कृतिक सचिव संतोष सारस्वत व अन्य गणमान्यजनों की उपस्थिति में किया। इस अवसर पर दिव्या सारस्वत ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के लिए समाज सेवा परमोधर्म है। हमने समाज से जो कुछ लिया, प्रतिफल में हमें समाज सेवा कर उस ऋण से उऋण होना चाहिए यही समाज के प्रति सच्ची भक्ति है।
