प्रतापगढ के 117 गॉंवों में संवाद, 14349 लोगो ने ली बाल विवाह मुक्त समाज का संकल्प

बाल विवाह के ख़िलाफ़ एकजुट हुए जनजाति समुदाय, निकाली मशाल यात्रा
प्रतापगढ़.  कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फ़ाउण्डेशन एवम् गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के सयुक्त तत्वावधान में छोटीसादड़ी पंचायत समिति  के ग्राम धोलापानी  में “बाल विवाह मुक्त भारत अभियान” के तहत आयोजित वृहद स्तरीय संवाद एवम् मशाल यात्रा कार्यक्रम के साथ 11 अक्टूबर से संचालित अभियान का समापन हुआ.
इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गायत्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधि आशीता जैन ने बताया की नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी जी की अपील पर पूरे राष्ट्र में संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान के तहत 11 अक्टूबर से विशेष कार्यक्रम, यात्रा एवम् संवाद का आयोजन विभिन्न शहरों से लेकर दूर-दराज जनजाति अंचल के गाँवो में हो रहा था, जिसके तहत आमजन की सहभागिता के साथ आज समापन के अवसर पर मशाल यात्रा निकाली गई l राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण- 5 (एनएचएफएस-2019-21 ) के आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में 20 से 24 आयुवर्ग के बीच की 23.3 प्रतिशत युवतियों का विवाह 18 वर्ष की होने से पहले ही हो गया था l बाल विवाह वो अपराध है जिसने सदियों से हमारे समाज को जकड़ रखा है। लेकिन नागरिक, समाज और सरकार द्वारा राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के प्रति दिखाई गई प्रतिबद्धता और प्रयास जल्द ही एक ऐसे माहौल और तंत्र का मार्ग प्रशस्त करेंगे जहां बच्चों के लिए ज्यादा सुरक्षित वातावरण होगा।साथ मिल कर उठाए गए कदमों और लागू किए गए कानूनों के साथ समाज व समुदाय की भागीदारी 2030 तक बाल विवाह मुक्त भारत सुनिश्चित कर सकती है l
इस अवसर कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि सबसे  बुजुर्ग गॉंव की महिला शांति देवी मेघवाल ने  महिलाओं से बाल विवाह न करवाने का संकल्प दिलवाया एवम् बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की अपील की l
गायत्री सेवा संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक रामचन्द्र मेघवाल ने जानकारी देते हुए बताया की बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत प्रतापगढ  ज़िले के पीपलखूंट व छोटीसादड़ी , प्रतापगढ में  कुल 117 गाँवो में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए जिसके तहत कुल 14349 लोगों ने अपने -अपने गांवों और बस्तियों में बाल विवाह का चलन खत्म करने की शपथ ली। आज समापन कार्यक्रम के तहत आयोजित मुख्य कार्यक्रम के तहत धोलापानी ग्राम पंचायत में पूरे दिन इस अभियान के समर्थन में उतरे लोगों की चहल पहल रही और इस दौरान बाल विवाह रोकने का संदेश देते नाटक के प्रदर्शन के साथ जादूगर का कार्यक्रम आयोजित कर बाल विवाह की हानियों से आमजन को परिचित करवाया गया l
छोटी सादडी ब्लॉक प्रभारी श्याम लाल मीणा ने बताया की सूरज ढलने के बाद सैकड़ो लोगों ने हाथों में मशाल लेकर मार्च किया‌ और लोगों को जागरूक करते हुए संदेश दिया कि नए भारत में बाल विवाह की कोई जगह नहीं है। इस मार्च में स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, धार्मिक गुरु सहित समाज के सभी वर्गों और समुदायों के लोगों ने हिस्सा लिया। इस मार्च का मकसद गांवों और कस्बों में लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करना‌ था। इस दौरान विवाह समारोहों में अपनी सेवाएं देने वालों जैसे कि शादियों में खाना बनाने वाले हलवाइयों, टेंट-कुर्सी लगाने वालों, फूल माला बेचने‌ व‌ सजावट करने‌ वालों,  पंडित और मौलवी जैसे पुरोहित वर्ग को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम में  गायत्री सेवा संस्थान  के पूजा राजपूत, हेमलता ,अविनाश, शुशीला ने भी अपने विचार प्रकट किए l
By Udaipurviews

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