वरड़ा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पथ संचलन निकाला

हमारा समाज शक्तिशाली तो है परंतु संगठित नहीं, एक घंटे की शाखा ही इसका सबसे प्रमुख उपाय

उदयपुर, 20 अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विजयादशमी के मौके पर आयोजित होने वाले पथ संचलन की श्रृंखला में रविवार को संघ के महानगर के ग्राम वरडा में पथ संचलन निकाला गया। इस पथ संचलन में गांव के प्रत्येक घर की सहभागिता रही व बड़ी संख्या में स्वयंसेवक शामिल हुए।

इस मौके पर उपस्थित ग्रामीण जन एवं स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए महानगर प्रचारक नारायण ने कहा कि राष्ट्र सेवा के पुनीत लक्ष्य को हासिल  करने के उद्देश्य से गठित हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 99 वर्ष की साधना पूर्ण हो चुकी है एवं यह अब शताब्दी वर्ष में प्रवेश करते हुए स्व राष्ट्र को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हो चुका है। उन्होंने इस मौके पर कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी गंगा का प्रवाह का अवगाहन भगीरथ स्वरूप केशव बलिराम हेडगेवार ने किया था और उनके संकल्पों व संदेशों को आत्मसात करते हुए हर एक स्वयंसेवक पूरी निष्ठा  से प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश का संकट है कि हमारा समाज शक्तिशाली तो है परंतु संगठित नहीं, एक घंटे की शाखा इसका सबसे प्रमुख उपाय है। उन्होंने कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में हमारा दायित्व और अधिक बढ़ जाता है। इस अवसर पर उन्होंने संघ के पंच प्रण को पूर्ण करने के लिए सभी को समर्पित भाव से कार्य करने और अधिकाधिक कार्य विस्तार हेतु आहवान किया।

इससे पहले संपूर्ण गांव में पथसंचलन निकाला गया। संघ की आकर्षक वेशभूषा में दंड धारण किये सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण अनुशासित ढंग से गांव के प्रमुख मार्गों से संचलन किया। घोष वादकों व बांसुरी वादकों के समूह के वाद्ययंत्रों की ध्वनियों  से गांव की गलियां गुंजायमान हो उठी।  ग्रामीणों ने भी पुष्पवृष्टि कर स्वयंसेवकों का स्वागत अभिनंदन किया। संचलन से पूर्व विजयदशमी पर शस्त्र पूजन हुआ। इस अवसर पर सरपंच दूल्हे सिंह देवड़ा एवं चारभुजा सेवा समिति के अध्यक्ष  नाहर सिंह, गमेती समाज चोखला के अध्यक्ष भगवान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन और स्वयंसेवक मौजूद थे।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!