बिना एक्ट में रजिस्ट्रेशन के बिना क्लीनिक, लैब अस्पताल चलाने वालों पर होगी कार्यवाही
प्रतापगढ़ 18 अप्रैल। जिले में अब नर्सिंग होम और निजी अस्पताल मनमानी नहीं कर पाएंगे। क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट रजिस्ट्रेशन के बिना चलने वालों क्लीनिक,लैब, नर्सिंग होम पर कार्यवाही की जाएगी। सीएमएचओ डॉ जीवराज मीणा ने कहा कि एक्ट के प्रावधानों के अनुसार जिले भर में बिना पंजीकरण के चलने वाले क्लीनिक संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने बुधवार को निर्देश जारी कर दिए है।
प्रतापगढ़ 18 अप्रैल। जिले में अब नर्सिंग होम और निजी अस्पताल मनमानी नहीं कर पाएंगे। क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट रजिस्ट्रेशन के बिना चलने वालों क्लीनिक,लैब, नर्सिंग होम पर कार्यवाही की जाएगी। सीएमएचओ डॉ जीवराज मीणा ने कहा कि एक्ट के प्रावधानों के अनुसार जिले भर में बिना पंजीकरण के चलने वाले क्लीनिक संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। इसको लेकर उन्होंने बुधवार को निर्देश जारी कर दिए है।
नियम के अनुसार प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम संचालकों व पैथोलॉजी संचालकों को एक्ट के अनुरूप औपचारिकताएं पूरी करने को कहा गया। यह भी कहा गया कि सभी प्राइवेट अस्पताल, नर्सिंग होम व पैथोलॉजी संचालक सभी औपचारिकताएं पूरी कर लें। ऐसा नहीं करने वालों पर विभागीय कार्रवाई होगी। एक्ट के तहत सभी को निबंधन व नवीकरण कराना आवश्यक है। इसके साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट, प्रदूषण, अग्निशमन आदि विभागों का सभी प्रमाणपत्र अनिवार्य तौर पर होने चाहिए।
संचालकों को अपनी संस्था पर सेवा का प्रकार, चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना होगा। नर्सिंग होम और निजी अस्पताल का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधन कराना अनिवार्य होगा। निबंधन के बाद सभी इकाइयां सरकार के नियंत्रण में रहेंगी और नियमों की अनदेखी करनेवालों पर जुर्माना लगाया जा सकेगा
क्या कहता है एक्ट
एक्ट के अनुसार अस्पताल आने वाले हर मरीज का इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड अस्पताल प्रशासन के पास सुरक्षित होना चाहिए। इस एक्ट के मेटरनिटी होम्स, डिस्पेंसरी क्लिनिक्स, नर्सिंग होम्स, से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर समान रूप से लागू होता है। हर अस्पताल, क्लिनिक का खुद का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वो लोगों को न्यूनतम सुविधाएं और सेवाएं दे रहे हैं। इस एक्ट के तहत प्रत्येक स्वास्थ्य सुविधा देनेवाले संस्थानों का यह कर्तव्य है कि किसी रोगी के इमरजेंसी में पहुंचने पर उसको तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं, जिससे रोगी को स्थिर किया जा सके।
संचालकों को अपनी संस्था पर सेवा का प्रकार, चिकित्सक, नर्स और अन्य कर्मियों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना होगा। नर्सिंग होम और निजी अस्पताल का क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत निबंधन कराना अनिवार्य होगा। निबंधन के बाद सभी इकाइयां सरकार के नियंत्रण में रहेंगी और नियमों की अनदेखी करनेवालों पर जुर्माना लगाया जा सकेगा
क्या कहता है एक्ट
एक्ट के अनुसार अस्पताल आने वाले हर मरीज का इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल हेल्थ रिकॉर्ड अस्पताल प्रशासन के पास सुरक्षित होना चाहिए। इस एक्ट के मेटरनिटी होम्स, डिस्पेंसरी क्लिनिक्स, नर्सिंग होम्स, से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं पर समान रूप से लागू होता है। हर अस्पताल, क्लिनिक का खुद का रजिस्ट्रेशन भी जरूरी है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि वो लोगों को न्यूनतम सुविधाएं और सेवाएं दे रहे हैं। इस एक्ट के तहत प्रत्येक स्वास्थ्य सुविधा देनेवाले संस्थानों का यह कर्तव्य है कि किसी रोगी के इमरजेंसी में पहुंचने पर उसको तुरंत स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाएं, जिससे रोगी को स्थिर किया जा सके।
