वन महोत्सव- 2025
उदयपुर, 25 जुलाई। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार वन मंडल, उदयपुर की ओर से ग्रीन लंग्स, रिसाला उदयपुर में वन महोत्सव 2025 का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अंतर्गत पंच गौरव योजना के तहत “एक जिला, एक वृक्ष” अभियान के तहत आयोजित वन महोत्सव में मुख्य अतिथि संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी रही। अध्यक्षता उदयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त राहुल जैन रहे।
उप वन संरक्षक मुकेश सैनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि इस वर्ष के लिए उदयपुर जिले का चिन्हित वृक्ष “महुआ” तथा उद्यानिकी वृक्ष के रूप में “सीताफल” को चुना गया है। कार्यक्रम के दौरान 200 महुआ एवं 200 सीताफल के पौधों का सामूहिक रूप से रोपण कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। पौधारोपण कार्यक्रम में स्कूली बच्चों, ग्रामीण नागरिकों तथा वन विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित 200 से अधिक लोगों की सहभागिता रही।
संभागीय आयुक्त सुश्री केवलरमानी ने ग्रामीणों एवं बच्चों को जन अभियान के रुप में पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। युडीए आयुक्त श्री जैन ने स्कूली बच्चों से पौधा लगवाकर उनकी देखभाल करने पर जोर दिया। महुआ एवं सीताफल दोनों ही वृक्ष विशेष रूप से आदिवासी समुदायों की आजीविका से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। महुआ का उपयोग पारंपरिक खाद्य, औषधीय एवं धार्मिक उपयोगों में होता है, वहीं सीताफल एक लोकप्रिय फलवृक्ष है जो ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण और आय का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत है। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने हर्षोल्लास से भाग लेते हुए “एक बच्चा, एक पौधा” का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों द्वारा उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई। सामूहिक रूप से किए गए इस प्रयास ने वन महोत्सव को एक जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वृक्षारोपण करना था, बल्कि नागरिकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना एवं भावी पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित करना भी था। इस अवसर पर वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन, हरियाली बढ़ाने और सतत विकास के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम का समापन वृक्षों की देखरेख और संरक्षण हेतु सभी सहभागियों को नियमित निगरानी एवं संवेदनशीलता से जुड़ने के आग्रह के साथ किया गया। सहायक वन संरक्षक घनश्याम कुमावत एवं सहायक वन संरक्षक सुश्री सुरेखा चौधरी सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, ग्रामीणजन तथा स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।
महुआ और सीताफल के पौधारोपण से हरित भविष्य की ओर बढ़ाया सशक्त कदम
