– आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृृंखला जारी
– 100 जोड़ों ने पद्मावती माता का जाप एवं सामूहिक एकासना किया उदयपुर 04 अगस्त। श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ तीर्थ पर बरखेड़ा तीर्थ द्वारिका शासन दीपिका महत्ता गुरू माता सुमंगलाश्री की शिष्या साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री एवं वैराग्य पूर्णाश्री आदि साध्वियों के सानिध्य में शुक्रवार को पद्मावती माता का जाप एवं एकासना का आयोजन किया गया। महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे दोनों साध्वियों के सानिध्य में अष्ट प्रकार की पूजा-अर्चना की गई। शुक्रवार दिन एकासना का तप सामूहिक रूप से तीर्थ में गए जिसका लाभ राकेश-चन्द्रा बजावत एवं सुशीला-कालूलाल भण्डारी परिवार ने लिया। उसके बाद 100 जोड़ों ने ज्ञान भक्ति एवं पद्मावती माता का जाप का आयोजन किया एवं एकासना की तप साधना की। वहीं सभी ने ज्ञान पूजा, अष्ट प्रकारी पूजा की गई। चातुर्मास संयोजक अशोक जैन ने बताया कि प्रवचनों की श्रृंखला में प्रात: 9.15 बजे साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री व वैराग्यपूर्णा की निश्रा में प्रकट प्रभावी राज राजेश्वरी पाश्र्वनाथ भगवान की आराधिका का जाप एवं अनुष्ठान किया गया। साध्वियों ने बताया कि माता पद्मावतीजी साक्षात् ज्योति है, मनोकामना को पूर्ण करने वाली माँ है। वर्तमान काल में दिव्य ज्योति है। इनसे ज्योति प्राप्त कर अपना मार्ग सरल करें। भक्ति से श्रद्धा से आस्था से जो भी आराधक आराधना करता है, उन्हें अवश्य फल प्राप्त होता है। जैन श्वेताम्बर महासभा के अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या ने बताया कि रविवार को वामादेवी माता का थाल का आयोजन किया जायेगा। आयड़ जैन तीर्थ पर प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे से चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृंखला में धर्म ज्ञान गंगा अनवरत बह रही है।
आयड़ जैन तीर्थ पर प्रकट प्रभावी माता पद्मावती का जाप अनुष्ठान किया
