उदयपुर, 23 फरवरी/ विद्या भवन गोविंदराम सेकसरिया शिक्षक महाविद्यालय में नाट्यलेखन विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। प्राचार्या डॉ. फरजाना इरफान ने बताया कि मुख्य वक्ता डॉ. इंद्रप्रकाश श्रीमाली ने नाट्यलेखन की बारीकियों से विद्यार्थियों को अवगत करवाते हुए जीवन मे कलात्मक गतिविधियों का महत्व रेखांकित किया।
उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि नाटक वह है जो कल्पना को मंच पर साकार कर देता है। साहित्य में नाट्यविधा पर पर्याप्त लेखन किया गया है। नाटकों के विभिन्न प्रकारों का उल्लेख करते हुए उसके लेखन में रखी जाने वाली विभिन्न सावधानियों पर भी गहराई से जानकारी दी गयी।
कार्यशाला में विद्यार्थियों की नाटक रचना सम्बन्धी जिज्ञासाओं पर भी चर्चा की गई। स्वागत उद्बोधन डॉ. मालचंद काला ने ओर धन्यवाद श्रीमती कुमकुम सालवी ने दिया।
