जमुना जल घट भर चली चंद्रावली नार” श्रीजी प्रभु के जेष्ठाभिषेक स्नान के लिए तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व श्री लाल बावा ने श्रीजी प्रभु की बावड़ी से जमुना जल के भाव से भरा जल….
तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व लाल बावा ने श्रीजी प्रभु के जेष्ठाभिषेक स्नान के जल का केशर, सुगंधित सामग्री व फूलों से जल का किया अधिवासन….
उदयपुर। “पुष्टि मार्ग में यमुना जी एवं यमुना जल का है विशेष महत्व यमुना जल का अधिवा सन यमुना जल के भाव से उपलब्ध विभिन्न जल स्रोतों का अधिवासन कहिए अथवा उसे जनहितार्थ सुरक्षित संशोधित करने का आग्रह कहिए प्राकृतिक तापों के हरण के लिए उसका संतुलित उपयोग करते हुए उसे सदैव सर्व दोष निवारक कहा गया है यमुना जल को इसलिए पुष्टि पंथ में मनुष्य के प्रतिबंधकारी और जंकृत दोषों का निवारक कह उसे अधिवासित कर स्नान यात्रा और जेष्ठाभिषेक में शिरोधार्य किया गया है!” – श्री विशाल बावा
पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में दि. 21/06/2024,शुक्रवार को होने वाले श्रीजी प्रभु के जेष्ठाभिषेक स्नान के लिए स्नान यात्रा के एक दिन पूर्व गुरुवार को तिलकायत गो.ति 108 श्री राकेश जी (श्री इंद्र दमन जी) महाराज श्री व गो. चि.105 श्री विशाल जी (श्री भूपेश कुमार जी)बावा व गो. चि.105 श्री लाल बावा ने वल्लभ कुल परिवार व श्रीजी एवं लाडले लाल प्रभु के सेवकों सहित “जमुना जल घट भर चली चंद्रावली नार” के भाव से जमुना जल के रूप में श्रीजी प्रभु की हवेली में स्थित भीतर की बावड़ी से श्रीजी प्रभु के जेष्ठभिषेक स्नान का जल भरा!तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व लाल बावा ने सांयकाल श्रीजी प्रभु के जेष्ठाभिषेक स्नान के जल का केसर,चंदन,बरास, गुलाब जल,तुलसी पत्र,सुगंधित सामग्री व सुगंधित फूलों से जल का अधिववासन किया! जिससे श्रीजी प्रभु का जेष्ठभिषेक स्नान कराया जाएगा ! स्नान यात्रा के अवसर पर श्रीजी प्रभु सवा लाख आम का भोग अरोगेंगे जिसकी सेवा वैष्णव जन एवं मंदिर सेवकों द्वारा बड़ी जोर-शोर से की जा रही है ज्ञातव्य है कि यह आम के भोग की सेवा निरंतर कई दिनों से महाराष्ट्र एवं गुजरात व देश के विभिन्न क्षेत्रों से वैष्णव जनों द्वारा भेजी जा रही है और सागर में सेवको एवं वैष्णव जनों द्वारा सिद्ध की जा रही है ! इस अवसर पर श्रीजी प्रभु के सेवकों में बड़े मुखिया श्री इंद्रवदन जी गिरनारा,श्री प्रदीप सांचीहर, नवनीत प्रिया जी के सेवकों में मुखिया जी श्री रजनीकांत सांचीहर,घनश्याम सांचीहर, पराग,हर्षद आदि सेवकों ने जल भरा! इस अवसर पर श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी श्री सुधाकर उपाध्याय, मुख्य प्रशासक श्री भारत भूषण व्यास, मंदिर मंडल के सदस्य समीर चौधरी, तिलकायत श्री के मुख्य सलाहकार अंजन शाह,सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलका श्री के सचिव लीलाधर पुरोहित, मंदिर के मीडिया प्रभारी एवं पीआरओ गिरीश व्यास, राजेश्वर त्रिपाठी, समाधानी उमंग मेहता, जमादार हर्ष सनाढ्य, कैलाश पालीवाल आदि उपस्थित थे !
