ओबीसी आयोग सदस्य मोहन मोरवाल जन संवाद कार्यक्रम में प्रतिभागियों से हुए मुखातिब

नगरीय निकाय एवं पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर हुआ सार्थक विचार-विमर्श

सलूंबर, 24 दिसंबर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल की अध्यक्षता में पंचायत समिति सलूंबर सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्री मोरवाल का अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ दिनेश राय सापेला ने पगड़ी एवं उपरना पहना कर स्वागत अभिनंदन किया। ओबीसी आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड ने बताया कि नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं ओबीसी की जनगणना को लेकर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं प्रतिभागियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद एवं खुली परिचर्चा की। जन-सुनवाई कार्यक्रम के दौरान आवेदकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों, मांग-पत्रों एवं समस्याओं को आयोग संवेदनशीलता के साथ सुना एवं प्रतिभागियो के सुझावों को प्राप्त किया, विभिन्न प्रतिभागियों ने भी अपनी-अपनी राय रखी।

सदस्य श्री मोरवल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास एवं सामाजिक -आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से निरंतर ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। इस जनसंवाद का मुख्य उद्देश्य आयोग की ओर से आमजन से सीधे संवाद स्थापित कर ओबीसी वर्ग से जुड़े क्षेत्रवार मुद्दों, विकास संबंधी आवश्यकताओं, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों एवं कल्याण से जुड़ी समस्याओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को संकलित करना है, ताकि इनके आधार पर पंचायती राज एवं नगरीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक समग्र एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जा सके।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों में सभी स्तरों पर अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसकी तीव्रता एवं उसके प्रभावों का समसामयिक एवं अनुभवजन्य अध्ययन करना है। इस अध्ययन के आधार पर आयोग को पंचायती राज संस्थाओं एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में ओबीसी आरक्षण के संबंध में समयबद्ध अनुशंसाएं राज्य सरकार को प्रस्तुत करनी हैं। मोरवाल ने कहा कि आयोग का उद्देश्य राजस्थान में सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के समुचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना है। इसके लिए पंचायती राज एवं शहरी निकायों में ओबीसी जातियों को आरक्षण देने का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक फार्मूला तय कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी, जिसके आधार पर प्रदेश में आरक्षण लागू किया जाएगा। खुली परिचर्चा के दौरान जन प्रतिनिधियों एवं संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग अध्यक्ष के समक्ष अपने विचार रखे। इस जनसंवाद के माध्यम से प्राप्त सुझावों को आयोग की रिपोर्ट में सम्मिलित कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सके।

जन-सुनवाई कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ दिनेश रॉय सापेला, एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, वरिष्ठ नेता वेणी राम सुथार, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष वालजी सुथार, पंचायत समिति प्रतिपक्ष नेता सोनलाल चौधरी , पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश प्रजापत एवं जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में नागरिक सम्मिलित हुए।

By Udaipurviews

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