9 एवं 10 मार्च को राष्ट्र स्तरीय कौमी एकता कार्यक्रम उदयपुर में

उदयपुर 3 मार्च। शांति एवं अहिंसा निदेशालय की ओर से उदयपुर में 9 एवं 10 मार्च को राष्ट्र स्तरीय कौमी एकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। निदेशक मनीष कुमार शर्मा ने कार्यक्रम हेतु राज्य केे समस्त जिलों के शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ अध्यक्षों को पत्र जारी कर कौमी एकता के लिए कार्य करने वाले सक्रिय संस्थाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम अनुसार 5 मार्च तक प्रतिभागियों के नाम प्रेषित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने राष्ट्र स्तरीय कौमी एकता कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु समस्त आवश्यक व्यवस्थाए सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए है।

परिवहन विभाग की ओर से नये मार्ग खोलने के प्रस्ताव आमंत्रित
उदयपुर, 3 मार्च। नई विकसित कॉलोनियों एवं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाने एवं बेहतर कनेक्टीविटी हेतु परिवहन विभाग द्वारा नये मार्ग खोलने के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पी.एल. बामनिया ने बताया कि मुख्यमंत्री की वर्ष 2023-24 में की गई बजट घोषणा के क्रियान्वयन के संबंध उदयपुर के अलावा परिवहन क्षेत्र के राजसमंद, बांसवाड़ा, डूंगरपुर एवं सलूंबर के जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने जिलों की नई विकसित कॉलोनियों एवं दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सर्वे कर आमजन को सस्ती, सुलभ, सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए नये मार्ग खोलने के प्रस्ताव शीघ्रातिशीघ्र प्रस्तुत करें।
बामनिया ने आमजन, प्राईवेट बस ऑपरेटर्स, स्वयं सेवी संस्था संचालकों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे भी उनके क्षेत्र में आमजन को समुचित परिवहन सेवा उपलब्ध कराने के लिए इस कार्यालय में अथवा संबंधित जिला परिवहन अधिकारी से सम्पर्क करें एवं नये मार्ग के प्र्रस्ताव प्रस्तुत करें ताकि आमजन एवं विशेष कर सुदूर आदिवासी अंचल वासियों को बड़े कस्बों, पंचायत समितियों, तहसीलों, उपखण्डों, जिला तथा संभाग मुख्यालय तक सीधी एवं सस्ती बस सेवा प्राप्त हो सके।

पशुधन सहायकों को दिया जायेगा प्रयोगशाला तकनीकी का विशेष प्रशिक्षण
उदयपुर, 3 मार्च। ऐस्केड योजनान्तर्गत पशुपालन प्रशिक्षण संस्थान मे उदयपुर संभाग मे कार्यरत पशुधन सहायकों को प्रयोगशाला तकनीकी का विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा। उपनिदेशक डॉ. लक्ष्मीनारायण ने बताया कि 13 मार्च से आयोजित किये जाने वाले प्रत्येक प्रशिक्षण शिविर मंे क्षेत्र के 20 पशुधन सहायक भाग लेंगे। डॉ. पदमा मील ने बताया कि पशुधन सहायकों को मल, मूत्र, रक्त ,दुग्ध, त्वचा इत्यादि के वैज्ञानिक विधि से नमूने एकत्रित करने एवं जांच करने की विधि के प्रायोगिक प्रशिक्षण पर जोर दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण शिविर त्रिदिवसीय आवासीय है। यह जानकारी कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुरेन्द्र कुमार छंगाणी ने दी।

By Udaipurviews

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