डॉ रजनी रावत ने रक्षाबंधन पर भेजा पत्र दिखाया
उदयपुर। सांसद मन्नालाल रावत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में सपरिवार शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद श्री रावत व परिवारजनों से पारिवारिक माहौल में बातचीत की। डॉक्टर मन्नालाल रावत- डॉ रजनी पी रावत द्वारा लिखित पुस्तक अटल नमो पथ प्रधानमंत्री को भेंट की। यह पुस्तक भाजपा और एनडीए की जनजातियों के प्रति नीति, रीति और संवैधानिक उपलब्धियां के संबंध में हैं। स्मरण रहे कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जब प्रधानमंत्री थे तब जनजातियों के लिए भारत सरकार में जनजाति कार्य मंत्रालय व राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग गठित किये गए। इस रीति- नीति को नरेंद्र भाई मोदी ने जनजाति गौरव दिवस, जनजातियों का राजनीतिक आरक्षण 2029 तक बढ़ाना, 24 हजार करोड की पीएम जनमन योजना, वन धन योजना और 80 हजार करोड रुपए की धरती आबा जनजाति उत्कर्ष ग्राम अभियान के रूप में आगे बढ़ाया। साथ ही आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान देशभर में जनजाति नायकों की चर्चा एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान करके नया अध्याय जोडा है। विरासत के साथ विकास के दर्शन के आधार पर जनजातीय विकास यात्रा अटल बिहारी से शुरू होकर नरेंद्र मोदी तक की जानकारी देने वाली इस पुस्तक का नाम अटल नमोपथ रखा है।
डॉ रजनी ने 2016 से अभी तक रक्षाबंधन के उपलक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजे गए पत्रों का उल्लेख किया और उन्हें एक पत्र भी दिखाया। प्रधानमंत्री ने डॉ रजनी के उदयपुरी रसोई यूट्यूब चैनल के बारे में जानकारी ली और पूछा कि लोग कमेंट भी करते हैं क्या। श्री मोदी ने सांसद के बेटी व बेटे उनकी पढाई और भविष्य की योजना के बारे में पूछा। प्रधानमंत्री इस दौरान बहुत ही सरल अंदाज में दिखे।
सांसद डॉ रावत की प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट, ’अटल नमो पथ’ पुस्तक भेंट की
