45 भक्तों ने किया अपने शरीर का दान और भरा संकल्प पत्र
प्रतापगढ़ 2 फरवरी। आज हम बात कर रहे हैं (राजस्थान) के पाली जिले में स्थित सतलोक आश्रम सोजत में 30 जनवरी से एक फरवरी तक विशाल तीन दिवसीय कबीर परमेश्वर निर्वाण दिवस विशाल भण्डारा सम्पन्न हुआ, जिसमें से प्रतापगढ़ जिले से भी कई श्रद्धालुओं ने भाग लिया। विशाल रक्तदान शिविर देशभर में सुर्खियों का कारण बने हुए हैं। कहावत है की रक्तदान ही महादान हैः- यह शब्द तो बहुत सुनने को मिलता है लेकिन अमल बहुत कम किया जाता है। आज संत रामपाल जी महाराज जी के 210 अनुयायियों ने रक्तदान किया है। यह रक्तदान शिविर संत रामपाल जी महाराज सानिध्य में होने जा रहे ‘कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस पर 31 जनवरी को इन विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। निर्वाण दिवस के दिन संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में मुनींद्र धर्मार्थ ट्रस्ट द्वारा आयोजित के माध्यम से किया गया। संत रामपाल जी को अपनाएंगे रक्तदान से लोगो का जीवन बचाएंगे। रक्तदान करते हुए भक्तों में इतना जोश देखने को मिला, बातचीत के दौरान ज्ञात हुआ है। की रक्तदान महादान होता
10 जोड़ो का हुआ दहेज के मुक्त रमैनी विवाह
आश्रम में आए दूल्हा और दुल्हन साधारण कपड़ों में दिखे एवं बिना तामझाम के 10 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ एवं बेटीओ को विदा किया तब कोई दहेज नहीं दिया गया संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संग में बताते हैं अब बेटियों को अत्याचार नहीं सहना पड़ेगा क्योंकि संत रामपाल जी महाराज ने बीड़ा उठाया है पूरे भारत में दहेज मुक्त अभियान चला कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को समझा कर दहेज मुक्त विवाह कराएंगे एवं अपने बेटियों की शिक्षा पर ज्यादा से ज्यादा खर्च करना है
45 भक्तों ने किया अपने शरीर का दान और भरा संकल्प पत्र
संत रामपाल जी महाराज सत्संग में बताते हैं मनुष्य मरने के बाद भी अपने शरीर का दान कर कई लोगों की जिंदगी को बचा सकते हैं संत रामपाल जी महाराज के भक्त अपने देहदान को लेकर बड़े उत्साह से भर रहे हैं संकल्प पत्र और लोगों के जीवन बचाने के लिए कर रहे लोगों को प्रेरित
525 लोगों ने पहली बार लिया संत रामपाल जी महाराज से नामदान लिया।
कई राज्यों से आए लोगों ने भंडारे की प्रशंसा की एवं संत रामपाल जी महाराज से प्रभावि होकर अपने जीवन को नए तरीके से जीने की बात कही एवं जीवन में कभी भी बुराई नहीं करने का संकल्प भी लिया और कई लोगों ने नाम दीक्षा ग्रहण की।
प्रतापगढ़ से भी कई श्रद्धालुओं ने लिया भाग 10 जोड़ो का हुआ दहेज के मुक्त रमैनी विवाह
