वंचित वर्ग को सुलभ न्याय दिलाने में करे हर संभव मदद – प्रो. सारंगदेवोत
उदयपुर 10 जून / राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक विधि महाविद्यालय की ओर से आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि सुदूर गांवों में रह रहे आदिवासी, ग्रामीण एवं वंचित वर्ग को सुलभ न्याय दिलाने की जिम्मेदारी विधि के विधार्थियों की है। जागरूकता के अभाव में आज भी वे न्याय से वंचित है। उन्होने भावी विधिवेत्ताओं का आव्हान किया कि अपने पेशे से किसी बेगुनाह को सजा न हो इस बात का पूरा ध्यान रखे और पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ उसे न्याय दिलाने में मदद करें। आमजन को भी अपने अधिकारों के साथ साथ कर्तव्यों का भी पालन करना चाहिए।
प्रारंभ में प्राचार्य डॉ. कला मुणेत ने अतिथियों का स्वागत करते हुए एक दिवसीय संगोष्ठी की जानकारी दी। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने एवं आईआईआरएफ की ओर से की गई रैकिंग में विद्यापीठ विश्वविद्यालय के प्रदेश में प्रथम स्थान पर आने व कुलपति कर्नल प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत का सभी कार्यकर्ता एवं विद्यार्थियों ने माला, उपरणा एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, डॉ. एसबी नागर, डॉ. के.के. त्रिवेदी, डॉ सुरेन्द्र सिंह चुण्डावत, निरव पण्डया, डॉ. नेहा, डॉ. प्रतीक जांगीण, डॉ. मीता चौधरी, ज्ञानेश्वरी सिंह राठौड, अंजु कावडिया, रितवी धाकड, विनिता व्यास, सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
