बांसवाड़ा। श्री गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय में नेक सदस्यों ने दो दिवसीय सघन जांच के बाद रिपोर्ट बनाई। ये रिपोर्ट बन्द लिफाफे में प्राचार्य और आईक्यूएसी समन्वयक को सौंपी गई। 15 दिन बाद ग्रैडिंग आने के बाद खुलेगा लिफाफा। इससे पहले बुधवार को भी दल जांच में जुटा रहा। नेक के नॉर्म्स के अनुसार एक-एक बिंदु को जांच दल ने रिपोर्ट के रूप में संकलित किया।
दल में कुलपति जवारलाल तकनीकी विवि हैदराबाद प्रो. सत्यनारायण सिरासनी, कुरुक्षेत्र विवि हरियाणा से प्रो. सीपी सिंह एवं वरदा महाराष्ट्र जीएस कॉलेज के प्राचार्य अरुंधती निनावे ने कहा कि नार्म्स के आधार पर कॉलेज की मार्किंग की गई है।
इसके बाद महाविद्यालय प्रबंधन के साथ आयोजित एक्जीट बैठक में महाविद्यालय की उपलब्धियों और कमियों की समीक्षा प्रस्तुत की। इसमें उत्साह जनक बात यह रही की दल ने महाविद्यालय की कमियां कम और उपलब्धियों को अधिक बताते हुए दक्षिण राजस्थान के जनजातीय क्षेत्र के बडे कॉलेज होने के नाते अकादमिक और शोध प्रवृत्ति की सरहना की। प्राचार्य प्रो. कल्याणमल सिंगाडा ने बताया कि महाविद्यालय में साधन सुविधा व्याख्याता के प्रयासों से बेहतर ढंग से डाल के सामने प्रस्तुत किया गया। पूरी उम्मीद है कि महाविद्यालय को अच्छी ग्रेड मिलेगी, जिससे क्षेत्र का नाम आगे बढ़ेगा और रूसा तथा यूजीसी से मिलने वाली फंडिंग में भी बढ़ोतरी होगी। इस अवसर पर आयुक्तालय प्रतिनिधि डॉ. श्यामसुंदर कुमावत और प्रो. मनोज पंड्या भी दोनों दिन उपस्थित रहे और महाविद्यालय संबंधित जानकारी दी। आईक्यूएसी समन्वयक प्रो. शफकत राणा, डॉ. नीरज श्रीमाली, प्रकाश किंकोड और नैक स्टीयरिंग कमेटी के प्रो. सीमा भूपेन्द्र, प्रो. भूपेन्द्र शर्मा, प्रो. अंजना रानी, प्रो. किरण पुनिया, प्रो. राजेश जोशी, सहायक आचार्य रामरज सिंह, प्रो. आशीष, डॉ. फतहसिंह भगोरा, रतनपाल डोडीयार ने सभी गतिविधियों में सक्रिय रहकर सहयोग किया।
