उदयपुर. पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र बागोर की हवेली में चल रही सूत्रधार कार्यशाला में युवा संभागी इस विधा की बारीकियों को उत्साह से सीख रहे हैं। सूत्रधार कार्यशाला के पहले सत्र में देश की प्रतिष्ठित उद्घोषिका डॉ ज्योति जोशी ने संभागियों से आनौपचारिक वार्ता की और अपने प्रदीर्घ अनुभवों को साक्षा किया। डॉ ज्योति जोशी राष्ट्रीय और अन्तराष्ट्रीय स्तर के सर्वोच समारोहों के कार्यक्रमों का सफल संचालन कर चुकी है। उन्हाने विभिन्न समुदाय और विषय के अनुरूप मंच संचालन के गुर सिखाएं। मंच संचालन में सुत्रधार कों गरिमा का ध्यान रखतें हुए एकाग्रता और जागरूक रह कर मंच संचालन में तात्कालिक परिवर्तन के प्रति संजीदा होना चाहिए। दूसरे सत्र में वरिष्ठ रंग निर्देशक विलास जानवे ने मंच संचालन में चेहरे और शारीरिक भाव भंगिमाकों का महत्व समझाते हुए, अपनी आवाज और चेहरे के भाव को लौच पूर्ण बनाने के टिप्स भी दिये और संभागियों से इससे संबंधित व्यायम भी कराए।
प्रसिद्ध कहानीकार और रेडियोसिटी उदयपुर के प्रभारी रजत मेघनानी अपने सत्र में आवाज का महत्व और प्रभाव पर अपना अनुभव साझा किए।
