राजसमंद/नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान आज लोकसभा में प्रश्नकाल के समय राजसमंद की माननीय सांसद श्रीमती महिमा कुमारी मेवाड़ ने विमुक्त (De-Notified Tribes – DNT) समुदाय की महिलाओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रश्न उठाया। उन्होंने माननीय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जी से यह जानना चाहा कि जब राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) की व्यवस्था पहले से मौजूद है, तो फिर SEED योजना के अंतर्गत विमुक्त समुदाय की महिलाओं के लिए अलग से SHG गठित करने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
इस पर माननीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार जी ने सदन को अवगत कराया कि विमुक्त समुदाय की महिलाएं सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टि से लंबे समय तक मुख्यधारा से वंचित रही हैं। उनके समग्र उत्थान, सशक्तिकरण तथा सभी सरकारी योजनाओं से प्रभावी रूप से जोड़ने के उद्देश्य से SEED योजना के तहत उन्हें विशेष रूप से अलग स्वयं सहायता समूहों में सम्मिलित किया गया है, ताकि उनकी भागीदारी, आजीविका और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित की जा सके।
सांसद *महिमा कुमारी मेवाड़* ने इस उत्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय विमुक्त समुदाय की महिलाओं को सम्मान, अवसर और समान अधिकार दिलाने की दिशा में एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि यह कदम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” तथा आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से विमुक्त समुदाय की महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, सामाजिक रूप से मुख्यधारा से जुड़ेंगी और देश के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी।
