205 गांवों का कलेक्ट्रेट पर हल्लाबोल जंगी प्रदर्शन

पट्टों की मांग को लेकर पेराफेरी क्षेत्र के ग्रामीण हुए एकजुट, दस दिन में समाधान नहीं तो चक्का जाम की चेतावनी
24 से अधिक संगठनों का मिला समर्थन, विधानसभा घेराव की दी चेतावनी
उदयपुर:
 उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की पेराफेरी में शामिल गांवों के ग्रामीणों ने पट्टों की लंबित मांग को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर को रणभूमि में बदल दिया। पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति के आह्वान पर सुबह 11 बजे सैकड़ों ग्रामीण ढोल-नगाड़ों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन को चेतावनी दी। इस जंगी प्रदर्शन में 205 गांवों के ग्रामीण शामिल हुए और उन्होंने पट्टों के मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।
संगठनों का समर्थन और शांतिपूर्ण जुलूस
प्रदर्शन को भील सेना, भीलू राणा दल, करणी सेना, मेवाड़ किसान समिति, कालबेलिया, गाडोलिया, मेघवाल, गुर्जर सहित 24 से अधिक सामाजिक और किसान संगठनों का समर्थन मिला। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे कोई असंभव मांग नहीं कर रहे, बल्कि अपने वर्षों पुराने हक का पट्टा चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, जैसे “चाँद का पट्टा नहीं, जमीन पर जीने का अधिकार चाहिए।” ढोल-नगाड़ों और शांतिपूर्ण जुलूस के साथ ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की।
भय और असंतोष का माहौल
पेराफेरी पंचायत जिला संघर्ष समिति के संयोजक चंदन सिंह देवड़ा ने कहा कि कई गांवों में लगातार मकान तोड़ने से ग्रामीण भयभीत हैं। हाल ही में यूडीए ने 70 नए गांवों को कार्रवाई में शामिल किया, जिनमें मावली, घासा, वल्लभनगर, कुराबड़, गोगुंदा, बड़गांव, गिरवा और बारापाल तहसील शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ग्रामीणों को उनका हक नहीं मिला, तो चक्का जाम और अन्य आंदोलन तेज होंगे।
चारागाह और बिलानाम भूमि पर नाराजगी
संघर्ष समिति के प्रकाश प्रजापत ने आरोप लगाया कि गांवों की चारागाह और बिलानाम भूमि को यूडीए के नाम दर्ज करने के आदेश जारी किए गए हैं। इससे ग्रामीणों की आजीविका और पशुपालन प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि आदेश वापस नहीं लिए गए, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन पूरी तरह गैर-राजनीतिक था और इसमें सभी समाजजन और जनप्रतिनिधि शामिल रहे।
प्रशासन का सकारात्मक रुख
कलेक्टर नमित मेहता ने संघर्ष समिति को ज्ञापन स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि जल्द ही यूडीए और निगम कमिश्नर की मौजूदगी में बैठक बुलाकर मांगों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आबादी वाली आराजी पंचायतों को अनापत्ति लेकर पट्टों का वितरण किया जाएगा और पत्राचार जयपुर सरकार को भेजकर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। ग्रामीणों ने दस दिन में ठोस समाधान नहीं मिलने पर आगामी दिनों में चक्का जाम और विधानसभा घेराव की चेतावनी भी दी।

By Udaipurviews

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