बाल वाहिनियों की जांच

उदयपुर, 8 दिसम्बर। अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देशां के क्रम में प्राधिकरण सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा ने पोलो ग्राउन्ड के पास बाल वाहिनियों की जांच की। इस दौरन उपाधीक्षक यातायात पुलिस अशोक आंजना भी मौजूद रहे।
एडीजे शर्मा ने बताया कि बाल वाहिनियों की जांच में पाया गया कि बाल वाहिनियों के रूप में उपयोग किए जा रहे चारपहिया वाहनों में क्षमता से अधिक स्कूल बच्चों को बैठा रखा था। इस संबंध में यातायात पुलिस ने मौके ही कार्यवाही की। पोलो ग्राउण्ड क्षेत्र में ऐसे अभिभावक जिन्होने हेलमेट नहीं पहन रखे थे उन्हें भी हेलमेट पहनने हेतु जागरूक किया गया।
श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि बाल वाहिनियां पूर्णत पीले रंग में रंगी हुई होनी चाहिए एवं पीला रंग साफ-सुथरा एवं स्पष्ट दिखना चाहिए । वाहिनियों के आगे पीछे स्पष्ट, स्थायी एवं पठनीय रूप से ऑन स्कूल ड्युटी अंकित होना चाहिए । वाहिनियों के पीछे स्कूल का नाम, पता, फोन नंबर, ड्राईवर व सहायक का नाम सुव्यवस्थित रूप से अंकित हो। वाहन पर क्षैतिज पीली स्ट्रिप दरवाजों की संरचना सुरक्षित लॉकिंग प्रणाली सुचारू हो। दरवाजों व पिछली और मजबूत एवं सुरक्षित ग्रिल लगी हो। फर्स्ट एड बॉक्स पूर्ण, अद्यतन एवं कार्यशील स्थिति में हो। वैद्यता अवधि के भीतर का फायर एक्सटिंग्विशन उपलब्ध हो। वाहन में जी.पी.एस. स्थापित हो सक्रिय हो। बच्चों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो। किसी भी प्रकार की फिल्म/टिंट शीशों पर न लगी हो। इमरजेंसी एग्जिट उपलब्ध, सुरक्षित एवं कार्यशील हो। विशेष रूप से सक्षम बालक-ंबालिकाओं के लिए रैंप/सुलभ प्रवेश  या विशेष सीट उपलब्ध हो। ड्राइवर और सहायक के वैध लाइसेंस व पहचान दस्तावेज उपलब्ध हो । ड्राइवर को भारी वाहन चलाने का न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव हो तथा यदि वाहन हेवी कैटेगरी में आता है तो ड्राइवर के पास वेध हेवी लाइसेंस होना अनिवार्य है । गंभीर चालना/दुर्घटना रिकार्ड पाए जाने पर ड्राइवर अयोग्य माना जाए । निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को न बिठाया जाए, 12 वर्ष से उपर आयु की आयु को पूर्ण सीट माना जाए । वाहन स्कूल ड्युटी के रूप में विधिवत पंजीकृत हो। गति निर्धारित सीमा में हो, ड्राइवर मोबाईल/ईयरफोन का उपयोग न करें। ड्राइवर व सहायक का समय समय पर मेडिकल परीक्षण पूरा किया गया हो। चढने-ंउतरने हेतु चिन्हित सुरक्षित स्थान निर्धारित हो। बाल वाहिनी की यांत्रिक फिटनेस, बेंक, टायर, लाईट, संकेतक क्लच, संस्पेंशन आदि सही होनी चाहिए।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई को बाल वाहिनी वैध नहीं है तो इसके संबंध में हेल्पलाईन नम्बर 15100 पर शिकायत कर सकते हैं। यदि बाल वाहिनी मानक के अनुसार संचालित नहीं है तो बच्चों को ऐसी बाल वाहिनियों में नहीं बैठाएं।

By Udaipurviews

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