मांगलिक अनुष्ठानों एवं पूजा-अर्चना के बाद ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा का श्रीगणेश,
कथावाचक पं. गणेशजी महाराज के श्रीमुख से कथा अमृत वृष्टि,
भक्तों से कहा – अनन्य भाव एवं सम्पूर्ण समर्पण से पाएं भगवद्भक्ति का आश्रय
बांसवाड़ा, 7 जुलाई/प्राचीनतम सिद्ध तपोभूमि लालीवाव मठ में गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में 4 दिवसीय महोत्सव सोमवार से शुरू हुआ। इसके अन्तर्गत श्रीकृष्ण भक्त नरसी मेहता के जीवनचरित्र पर आधारित कथा ‘नानी बाई रो मायरो’ का शुभारंभ हुआ।
लालीवाव मठ के पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर श्रीमहंत हरिओमदासजी महाराज के मठ के प्रधान देवता भगवान श्रीपद्मनाभ भगवान सहित विभिन्न श्रीविग्रहों की पूजा-अर्चना तथा मठ के पूर्ववर्ती महन्तों की प्रतिमाओं तथा पादुकाओं के पूजन उपरान्त प्रधान मन्दिर से महोत्सव स्थल तक भगवन्नाम संकीर्तन के साथ पोथी यात्रा निकली।
महोत्सव स्थल पर कथावाचक पं. गणेश महाराज, सरसी वाले (भीलवाड़ा) के श्रीमुख से ‘‘नारी बाई रो मायरो’’ कथा के पहले दिन भक्तों ने कथा श्रवण की और जमकर संकीर्तन नृत्य किया। कथा व्यास पं. गणेश महाराज ने ‘नानी बाई रो मायरो’ की पृष्ठभूमि और नरसी मेहता की अगाध भक्ति परम्पराओं के बारे में विस्तार से समझाते हुए अनन्य भाव से पूर्ण समर्पित भक्ति में निमग्न रहने का आह्वान किया।
कथा के दौरान् सांगीतिक स्वर लहरियों ने भक्ति और श्रृद्धा के भावों से विभोर कर दिया। इसमें भीलवाड़ा के कलाकारों ने मुत्र मुग्ध कर दिया। की बोर्ड पर विक्रम, ढोलक पर जीतू भाई एवं पेड पर कालु भाई ने संगत की जबकि साउण्ड सिस्टम का संचालन संतोष प्रजापत द्वारा किया गया। आरंभ में कथावाचक पं. गणेश महाराज सहित सभी कलाकारों का लालीवाव मठ के भक्त मण्डल एवं शिष्यों की ओर से स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया।
प्रथम दिवसीय कथा के विश्राम पर सामूहिक संकीर्तन एवं आरती विधान में बांसवाड़ा सहित आस-पास के जिलों से आए बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला भक्तों ने हिस्सा लिया।
बुधवार तक कथा जारी रहेगी
कथावाचक पं. गणेश महाराज के श्रीमुख से नानी बाई रो मायरो कथा 8 जुलाई, मंगलवार और 9 जुलाई, बुधवार को दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बुधवार शाम 5 बजे कथा पूर्णाहुति होगी।
गुरु पूर्णिमा पर गुरुवार को विशेष आयोजन
आगामी 10 जुलाई, गुरुवार को गुरुपूर्णिमा पर दिन भर लालीवाव पीठाधीश्वर महामण्डलेश्वर श्रीमहंत हरिओमदासजी महाराज के सान्निध्य में विभिन्न अनुष्ठानों और आयोजनों का दौर जारी रहेगा। इस दिन प्रातः 5 से मध्याह्न 11.30 बजे तक गुरुपादुका पूजन, गुरुगादी पूजन क्रम जारी रहेगा। इसके उपरान्त मध्याह्न 12 बजे महाप्रसादम् भण्डारा होगा। महाआरती रात्रि 8 बजे होगी।
